फर्रुखाबाद। रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद परिसर में हुए जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला जज दीपेंद्र कुमार सिंह ने सुनवाई पूरी करते हुए आरोपी ई-रिक्शा चालक धीरज चौहान को दोषी करार दिया। दोष सिद्ध होने के बाद दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले में सजा के बिंदु पर छह जनवरी को सुनवाई होगी।
जनपद कन्नौज थाना गुरसहायगंज के गांव हनुमंदखेड़ा निवासी रामनिवास ने जीआरपी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। बताया था कि 15 अप्रैल 2024 की शाम उसका गांव पूठा नगला निवासी भांजा गोविंद शाम करीब सात बजे फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर निजी कार्य से गया था। स्टेशन परिसर में थाना मऊदरवाजा के मोहल्ला बजरिया निवासी ई-रिक्शा चालक धीरज ने किराये को लेकर गालीगलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपी अपने ई-रिक्शा में रखा हंसिया लेकर लौटा और गोविंद पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया।
हमले में गोविंद के सिर व हाथ में गंभीर चोटें आईं। उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। जीआरपी थाने से उन्हें घटना की सूचना मिली। अगले दिन उन्होंने लोहिया अस्पताल में भांजे गोविंद से बातचीत की। इसके बाद जीआरपी थाने में पहुंचकर तहरीर दी। जीआरपी ने तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच की। जांच के बाद आरोपी धीरज के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अपर जिला जज दीपेंद्र कुमार सिंह ने आरोपी को दोषी करार दिया। दोषी को सजा सुनाने के लिए छह जनवरी की तारीख तय की है।