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कूड़ा हो गए नगर पालिका के डस्टबिन

Mon, 15 Oct 2018 11:10 PM IST
farrukhabad
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डस्टबिन - फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को स्वच्छ बनाए जाने के लिए करीब 63 लाख की लागत से खरीदे गए हरे व नीले डस्टबिन निष्प्रयोज्य साबित हो रहे हैं। तिराहे-चौराहे पर लगे अधिकतर डस्टबिन टूट गए या फिर जला दिए गए। जो बचे हैं उनका भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। यही नहीं शहरियों को बांटे जाने के लिए खरीदे गए डस्टबिन में से अधिकतर नगर पालिका के स्टोर रूम में डंप हैं।
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगर पालिका प्रशासन ने वर्ष 2017 में 14वें वित्त आयोग से करीब 33.64 लाख की लागत से 200 हरे व नीले डस्टबिन और करीब 29.41 लाख की लागत से 20 हजार डस्टबिन खरीदे थे। इन्हें तिराहे-चौराहों और गलियों में लगवाया जाना था और वार्डवार घर-घर जाकर लोगों को बांटे जाने थे। नगर पालिका चुनाव के बाद जनवरी 2018 में पालिकाध्यक्ष वत्सला अग्रवाल ने गली-चौराहों और तिराहों पर कूड़ादान लगवाए। इसी के साथ उन्होंने शहर के सभी 42 वार्डों में बंटवाए।

पालिका के अफसरों का कहना है कि वार्डवार डस्टबिन बंटवा दिए गए लेकिन हकीकत यह है कि पालिका के स्टोर रूम में पानी की टंकी के पास अभी भी अधिकतर नीले व हरे डस्टबिन पड़े हैं। इस संबंध में मुख्य सफाई निरीक्षक केपी सिंह ने बताया कि प्रति वार्ड 300 से 400 के हिसाब से डस्टबिन बंटवाए गए हैं। अब डस्टबिन नहीं बचे हैं। जब उनसे पूछा कि पालिका के स्टोर रूम में अभी भी डस्टबिन रखे हैं तो वह चुप्पी साध गए।
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कूड़ादान टूट गए या फिर जले पड़े
लोहाई रोड पर सरीन नर्सिंग होम, रेलवे रोड पर पांडेश्वरनाथ मंदिर, आवास विकास, बढ़पुर, नया कोठा पार्चा, जटवारा जदीद, नुनहाई, बजरिया, तलैया फजल इमाम आदि स्थानों पर पालिका ने कूड़ेदान लगवाए थे। लोगों ने इनका सही इस्तेमाल नहीं किया। यदि सही से इस्तेमाल किया जाता तो शहर को साफ रखने में सार्थक सिद्ध होते। बाद में ये कूड़ेदान या तो लोगों ने तोड़ डाले या व कूड़ा जलाए जाने से ये जल गए। अब जो बचे हैं, उन्हें भी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। जबकि उसके पास ही लोग कूड़ा फेंक देते हैं पर कूडे़दान में नहीं डालते हैं।

जानकारी कर दिखवाएंगे मामला
नगर पालिका फर्रुखाबाद प्रभारी ईओ एवं एसडीएम सदर अमित आसेरी ने बताया कि उन्होंने अभी हाल ही में चार्ज लिया है। कूड़ादान के बारे में जानकारी नहीं है। इस मामले को वह दिखवाएंगे। डस्टबिन डंप पड़े हैं तो बंटवाए जाएंगे। जर्जर पड़े कूड़ेदानों के मामले में भी मातहतों से जानकारी की जाएगी।
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