फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय परिसर में लगे दिव्यांग बोर्ड में डीएम के निरीक्षण के खौफ में 20 मिनट पहले ही डॉक्टर पहुंच गए। इससे दिव्यांगों को अपना परीक्षण कराने के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ा। वहीं परिसर में सफाई व रंगाई-पुताई कर चमकाया जाता रहा।
दिव्यांगों को प्रमाणपत्र जारी करने के लिए सीएमओ कार्यालय परिसर में प्रत्येक सोमवार को दिव्यांग बोर्ड लगाया जाता है। इसमें तीन डॉक्टरों के पैनल से दिव्यांगों का परीक्षण किया जाता है। अभी तक डॉक्टरों की लेट-लतीफी होने से दिव्यांगों को घंटों का इंतजार करना पड़ता है। तीन दिन पहले से जानकारी हुई कि सोमवार को जिलाधिकारी का निरीक्षण कार्यक्रम है। इससे पहले से ही विभाग सतर्क हो गया।
लिपिकों ने अपने पटल की अधूरी फाइलें पूरी करने के साथ उन्हें व्यवस्थित ढंग से रखा। कक्षों की सफाई कराई गई। कक्षों से लेकर परिसर तक रंगाई-पुताई का काम चलता रहा। खास बात तो यह है कि दिव्यांग बोर्ड में 11 बजे व दोपहर एक बजे पहुंचने वाले डॉक्टर निरीक्षण के खौफ से 20 मिनट पहले 9.40 बजे दिव्यांग बोर्ड पहुंच गए। वहां पहले से मौजूद दिव्यांगों का परीक्षण भी शुरू कर दिया गया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा सक्सेना ने आठ दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा ने 55 दिव्यांगों का का परीक्षण किया। वहीं ईएनएटी सर्जन डॉ.नवनीत ने चार दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। दोपहर एक बजे तक सभी दिव्यांगों का परीक्षण कर लिया गया। दिव्यांग बोर्ड में ओआरएस काउंटर लगाया गया। पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था रही। हालांकि जिलाधिकारी के न पहुंचने से तैयारियां धरी रह गईं।