फर्रुखाबाद। इमरजेंसी में डॉक्टरों की कमी मरीजों पर भारी पड़ रही है। गुरुवार को दो घंटे तक इमरजेंसी डॉक्टरों से खाली रही। इसके बाद सीएमएस खुद दो घंटे कुर्सी पर जमे रहे। बात में रात्रि ड्यूटी वाले डॉक्टर को बुलाकर बैठाया गया। इमरजेंसी पहुंचे डॉ. मनोज पांडेय को वीआईपी कॉल पर भेज दिया गया।
गुरुवार सुबह आठ से 10 बजे के बीच इमरजेंसी के ड्यूटी शेड्यूल में डॉ. अतुल कुमार को पहुंचना था, लेकिन उन्हें सीएमओ ने तैनाती स्थल पर ही ड्यूटी करने का फरमान जारी कर दिया। इसके बाद कोई भी डॉक्टर नहीं पहुंचा। करीब 10 बजे हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय इमरजेंसी पहुंचे।
उन्होंने तीन मरीजों को भर्ती किया। अचानक जिला स्तरीय वीआईपी कॉल आ गई। आनन-फानन डॉ. मनोज पांडेय, फार्मासिस्ट अरविंद प्रजापति एक अन्य स्टाफ के साथ चले गए। इसके बाद दो घंटे तक सीएमएस को खुद ईएमओ की कुर्सी पर बैठना पड़ा। ऐसे में दो घंटे तक इमरजेंसी बिना डॉक्टर के ही चलती रही।
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में गुरुवार को भी आर्थो व फिजीशियन संबंधी खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। घंटों भटकने के बाद उन्हें बिना दवा लौटना पड़ा। आर्थो सर्जन अवकाश पर हैं, जबकि फिजीशियन के मरीजों को देखने वाले हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पांडेय वीआईपी ड्यूटी करने चले गए।
‘यह समस्या एडी को भी बताई गई। उन्होंने सीएमओ से बात की। अब टेलीमेडिशन के डॉक्टर ईएमओ का काम करेंगे। इससे इमरजेंसी में मरीजों को दिक्कत नहीं होगी।’
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
फर्रुखाबाद। प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों में मास्क का प्रयोग अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद गुरुवार को डॉक्टर से लेकर कर्मचारी तक बिना मॉस्क मरीज देखते रहे। यही नहीं खुद सीएमएस इमरजेंसी में नाक के नीचे मॉस्क लगाए थे। कई स्थानों पर कर्मचारी बिना मॉस्क के दिखाई दिए। स्वास्थ्य विभाग कोरोना को लेकर कतई सतर्क नहीं दिख रहा है।