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Farrukhabad News: मरीजों को डॉक्टर तो कर्मियों को नहीं मिल रहा मानदेय

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फर्रुखाबाद। नगरीय हेल्थ वेलनेस सेंटर मरीजों के लिए छलावा साबित हो रहे हैं। चार डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर चल रहे आठ हेल्थ वेलनेस सेंटर सहायक स्टाफ के भरोसे हैं। उन्हें और यहां तैनात कर्मियों को पांच माह से मानदेय भी नहीं मिला है। अक्सर मरीजों को डॉक्टर न मिलने से उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।
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शहर में शासन से 12 हेल्थ वेलनेस सेंटर खोलने के दो वर्ष पूर्व आदेश दिए गए थे। इनमें तीन सेंटरों के लिए स्वास्थ्य विभाग अभी तक किराये के भवन नहीं ढूंढ सका, जबकि एक केंद्र कागजों पर ही चल रहा है।
ऐसे में आठ हेल्थ वेलनेस सेंटर मात्र चार डॉक्टरों के भरोसे चल रहे हैं। डॉ.अतुल कुमार को बंधौआ व घोड़ानखास, डॉ.रविरतन को श्यामनगर व नरायनपुर, डॉ.अब्दुल खलिक को बीबीगंज व हाता रोशन खां, जबकि डॉ.पुष्पेंद्र यादव के पास हेल्थ वेलनेस सेंटर रायदीप चंद्र की जिम्मेदारी है।
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वहीं, मछलीटोला सेंटर पर पीएचसी नवदिया के डॉक्टर को अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। इससे वह मरीजों को दो दिन मंगलवार व गुरुवार को मिलते हैं। शनिवार डॉक्टर के प्रतिकर अवकाश पर होने से हेल्थ वेलनेस सेंटर पर आरोग्य मेला भी नहीं लगता।
इससे सप्ताह में चार दिन स्टाफ नर्स काजल, सहायक स्टाफ कविता व श्वेता के भरोसे ही केंद्र संचालित होता है। वह डॉक्टर का पर्चा लेकर आने वाले मरीजों को दवा दे देती हैं। नए मरीज वापस कर दिए जाते हैं।
खास बात तो यह है कि किसी भी हेल्थ वेलनेस सेंटर पर फार्मासिस्ट व एलटी की तैनाती ही नहीं है। इससे मरीजों की कोई जांच भी नहीं हो पाती। फिलहाल शहर के हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर सप्ताह में तीन दिन डॉक्टर न मिलने से मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। वहीं, कर्मचारियों ने बताया कि उन लोगों को पांच माह से मानदेय न मिलने से घर खर्च चलाना मुश्किल है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार
शीघ्र ही डॉक्टरों की संविदा पर भर्ती कर सभी सेंटरों का विधिवत संचालन कराया जाएगा। ठेकेदार का अनुुबंध विस्तार की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इससे जल्द ही आउटसोर्स सहायक स्टाफ के मानदेय का भुगतान भी कराया जाएगा।
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- डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ
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