रसोइयों की समस्याओं के समाधान को ज्ञापन लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे संगठन के
पदाधिकारियों को जिलाधिकारी ने पुलिस से पकड़वा लिया। उन्हाेंने बीएसए को
रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए। बीएसए ने ज्ञापन देने आई महिलाओं को पद से
हटाने की चेतावनी दी। इसको लेकर रसोइयों और बीएसए में कहासुनी हो गई। शाम
को संगठन के पदाधिकारियों को कोतवाली से छोड़ दिया गया।
राष्ट्रीय
मध्याह्न भोजन रसोइया एकता संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज कटारिया और प्रदेश
अध्यक्ष काजल कटारिया जिले के परिषदीय स्कूलों में तैनात रसोइयों को लेकर
शुक्रवार को जिलाधिकारी से मिलने कलेक्ट्रेट गए थे। यह डीएम को समस्याओं के
समाधान के लिए ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। इसी बीच किसी ने डीएम से कहा कि
संगठन के पदाधिकारियों ने रसोइयों से दो-दो
सौ रुपयों की वसूली की है। यह
सुनकर जिलाधिकारी ने बीएसए को कलेक्ट्रेट बुलाया। इन्हें संगठन के
राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के निर्देश
दिए। बीएसए ने रसोइयों को हटाने की चेतावनी दी, तो इन्हाेंने विरोध कर दिया
और समस्याओं के समाधान का निस्तारण किए जाने की मांग उठाई। संगठन के
राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष को पकड़
कर पुलिस फतेहगढ़ पुलिस को
सौंप दिया गया। दोनों पदाधिकारियों के कोतवाली में पहुंचने पर अन्य रसोइया
भी कोतवाली पहुंचीं। ये इन्हें छुड़ाने के लिए शाम तक कोतवाली में जमी
रहीं। देर शाम दोनों पदाधिकारियों को छोड़ दिया गया। काजल कटारिया और राज
कटारिया ने बताया कि उन्हें झूठा आरोप लगाकर पकड़वा गया था। वह रसोइयोें की
समस्याओं को लेकर
प्रदेश स्तर पर आंदोलन कर रहे हैं। इसी के तहत 28 जून को
लखनऊ चलो अभियान है। वह कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने आए थे। फतेहगढ़
कोतवाल प्रभारी निरीक्षक अनूप तिवारी ने बताया कि राज कटारिया और काजल
कटारिया के खिलाफ कोई तहरीर नहीं आई है। इनको शाम को कोतवाली से छोड़ दिया
गया है।