भ्रष्टाचार रोकने के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने नई रणनीति अपनाई है। उन्होंने जिले के तमाम कर्मचारियों एवं कोटेदारों को सोमवार को बैठक के बहाने मंडी समिति में बुलाया। भ्रष्टाचार रोकने में सहयोग मांगा।
इसके बाद उन्हें लेकर सेंट्र्ल जेल गए। जहां भ्रष्टाचार के मामले में सजा काट रहे 88 कैदियों से मुलाकात कराई। बताया कि भ्रष्टाचार करने पर सभी की यही हालत होगी।
जिलाधिकारी की ओर से रविवार रात विभिन्न विभागों को सूचना दी गई कि सोमवार सुबह मंडी समिति में बैठक होगी। विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं कोटेदार सोमवार सुबह आठ बजे मंडी समिति में पहुंच गए।
यहां डीएम ने गरीबों की योजनाओं से भ्रष्टाचार मिटाने की बात कही। चेतावनी दी कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वालों को जेल भेजा जाएगा। इसके बाद सभी को सेंट्रल जेल फतेहगढ़ पहुंचने का हुक्म सुनाया।
यह सुन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के होश उड़ गए। जिन लोगों के पास अपना वाहन नहीं था, उन्हें अन्य अधिकारियों की गाड़ी में बैठने को कहा। सभी सेंट्रल जेल पहुंचे। यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से भ्रष्टाचार के मामले में सजा काट रहे 15 शिक्षक, 15 पुलिसकर्मियों के साथ पंचायत राज विभाग व जल निगम के कुल 88 पूर्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों से उनकी मुलाकात कराई। जेल में बंद कर्मियों की जिंदगी कैसे तबाह हो गई, इस बारे में सभी को बताया।
कैदियों ने भी मुलाकात करने आए लोगों से भ्रष्टाचार से दूर रहने की अपील की। कैदियों से मुलाकात करने वालों में कोटेदार, बाल विकास परियोजना, पीडब्लूडी, जल निगम, ग्रामीण अभियंत्रण सेवा आदि विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।