- निरीक्षण को नहीं निकले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी
- मनमानी स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं लग पा रहा अंकुश
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को आरोग्य मेला लगा। डीएम के निरीक्षण कि दौरान डॉक्टर सहित तीन कर्मचारी गैरहाजिर मिले। उन्होंने वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। वहीं बदहाल व्यवस्थाओं के बावजूद स्वास्थ्य विभाग से कोई भी अधिकारी निरीक्षण करने नहीं निकला।
जनपद में डॉक्टरों की बड़े स्तर पर कमी है। लचर प्रबंधन के चलते डॉक्टर व कर्मचारी मनमानी ड्यूटी भी करते हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने के साथ झोलाछापों की पौबारह होती जा रही है। जिले में शहर के चार व ग्रामीण क्षेत्र के 28 पीएचसी पर आरोग्य मेला लगा। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने नगरीय पीएचसी साहबगंज का निरीक्षण किया तो वहां प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ.अंजुला गोस्वामी गायब मिलीं। इसके बाद डीएम पीएचसी नौलक्खा पहुंचे तो वहां स्टाफ नर्स अरुणा देवी, एएनएम नीतू चतुर्वेदी व निधि गैरहाजिर पाई गईं। डीएम ने डॉक्टर सहित सभी अनुपस्थित कर्मियों का वेतन रोकने का आदेश सीएमओ दिया है। पीएचसी भोलेपुर में डॉक्टर सहित सभी कर्मचारी मौजूद रहे। मोहम्मदाबाद क्षेत्र की पीएचसी खिमसेपुर में डॉ.सौरभ कटियार ने 26 मरीज देखे। जुकाम-बुखार मरीज अधिक थे। आठ मरीजों की एलटी प्रगति शाक्य ने जांच की।
बिना जांच के लौटे मरीज, एलटी गायब
अमृतपुर। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिथनापुर में डॉ.सुधीर सिंह ने 28 मरीज देखे। खांसी, जुकाम, बुखार के अधिक थे। फार्मासिस्ट न होने से से डॉक्टर ने ही दवाई दी। डॉक्टर ने बताया कि एलटी शैलेंद्र कुमार 18 जून से गैरहाजिर हैं। इस संबंध में सीएमओ को भी अवगत करा दिया गया है। एलटी न होने से आठ मरीज बिना जांच के ही लौटे गए। लैब सहायक तौकीर खां व एएनएम भी अनुपस्थित रही।