फर्रुखाबाद। भ्रष्टाचार संगठन आगरा इकाई के इंस्पेक्टर ने सहायक कोषाधिकारी अखिलेश चंद्र अग्निहोत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार से 39 लाख रुपये अर्जित करने का मुकदमा दर्ज कराया है। तत्कालीन डीएम रवींद्र कुमार ने 10 जुलाई 2017 को अग्निहोत्री की चल-अचल की संपत्ति की जांच तहसीलदार से कराई थी। डीएम ने 18 जुलाई को 2017 को जांच रिपोर्ट के साथ एडीजी भ्रष्टाचार संगठन निवारण को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था।
डीएम की संस्तुति पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन आगरा इकाई के प्रभारी निरीक्षक जसपाल सिंह पवार ने पूरे मामले की जांच की। इसमें पाया कि अग्निहोत्री ने 74 लाख 43 हजार 899 रुपये विभिन्न आय के स्रोतों से प्राप्त किए। इसके सापेक्ष उन्होंने एक करोड़ 14 लाख 26 हजार 926 रुपये अन्य संपत्तियों को खरीदने व परिवार के भरण पोषण में खर्च किए। 39 लाख 83 हजार 27 रुपये कहां से कमाए, इसके बारे में वह कोई कागजात उपलब्ध नहीं करा सके।
इस पर अग्निहोत्री को 39 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप में दोषी पाया गया। गुरुवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर जसपाल सिंह पवार ने शहर कोतवाली के मोहल्ला सेनापति स्ट्रीट निवासी अग्निहोत्री के खिलाफ 39 लाख रुपये का भ्रष्टाचार करने के मामले में फतेहगढ़ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। अग्निहोत्री के बड़े भाई स्वर्गीय बागीश अग्निहोत्री भाजपा के कद्दावर नेता थे।
कोतवाल जय प्रकाश पाल ने बताया कि अखिलेश चंद्र अग्निहोत्री के खिलाफ 39 लाख रुपये के भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे की जांच भी भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारी करेंगे। अग्निहोत्री ने बताया कि तत्कालीन डीएम रविंद्र कुमार के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उसमें 21 सितंबर सुनवाई की तारीख लगी है। इसके चलते डीएम रविंद्र कुमार ने यह कार्रवाई कराई है।