संवाद न्यूज एजेंसी
कमालगंज। बेघरों को प्रधानमंत्री आवास देने के लिए बनी आवास प्लस सूची से परीक्षण के बाद अपात्र लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। इससे कई प्रधानों में बेचैनी है। बुधवार क्षेत्र पंचायत कार्यालय में जमावड़ा लगा रहा। कुछ प्रधान सूची में नाम जुड़वाने की जोड़तोड़ में रहे, तो विरोधियों ने सूची में अभी भी अपात्रों का नाम शामिल होने का आरोप लगाया। प्रथम चरण में 465 लोगों को आवास आवंटन के लिए ग्राम पंचायत के प्रस्ताव फीड किए गए।
विकास खंड की 118 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास के लिए 2018 में आवास प्लस सूची बनाई गई थी। इसमें 6198 लोग शामिल थे। अब अपात्रों को सूची से हटाए जाने से 3610 पात्र रह गए। इनमें से प्रथम चरण में 578 लोगों को आवास दिए जाने का लक्ष्य आया है। इनके लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव मांगे गए थे। प्रस्ताव फीड कराने के लिए बुधवार को पंचायत सचिव लगे रहे। इस बीच सूची में कैंची चलने से कई प्रधान परेशान हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारी राजेश बघेल से मिलकर कहा कि उनके यहां बहुत से लोग आवास से वंचित रह जाएंगे।
भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष अनुज राजपूत ने बीडीओ से मिलकर आरोप लगाया कि प्रधानी चुनाव के कारण पतौंजा गांव में अपात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सूची में शामिल अपात्रों के नाम बीडीओ को सौंपकर कहा कि पात्र लोगों को आवास मिलने चाहिए। आवास के लिए प्रस्ताव फीडिंग कार्य की परियोजना निदेशक राजमणि वर्मा ने समीक्षा की।