गांव खुदागंज में लेखापल की शिकायत करती महिला को ढांढस बंधाती नोडल अधिकारी आराधना शुक्ला। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज(फर्रुखाबाद)। जिले की नोडल अधिकारी अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला विकास कार्यों में अव्यवस्था देखकर नाराज हुईं। बुधवार को क्षेत्र पंचायत कार्यालय में निरीक्षण के दौरान मनरेगा डिमांड पत्रों पर प्राप्ति तारीख अंकित नहीं मिली। डिमांड देने वालों को रिसीविंग न दिए जाने पर सवाल पूछे। खुदागंज में एक झोपड़ी के बाहर मजदूरी पर रजाई में डोरा डाल रही महिलाओं से हाल पूछे तो उन्होंने कहा कि 500 रुपये रिश्वत देने के बावजूद लेखपाल ने क्रेडिट कार्ड के लिए रिपोर्ट नहीं लगाई और न ही पूरे कागज वापस किए। इस पर लेखपाल पर कारवाई के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी शुक्रवार दोपहर खुदागंज के परिषदीय विद्यालयों में पहुंची। डीएम मानवेंद्र सिंह, एसपी अशोक कुमार मीणा व सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया की मौजूदगी में उन्होंने परिषदीय विद्यालयों का निरीक्षण किया। शिक्षण योजना मांगे जाने पर शिक्षकों ने पाठ योजना दिखा दी। इस पर बीइओ रंगनाथ चौधरी को उन्होंने दोनों में अंतर समझाया। खेल मैदान के पास शौचालय बनवाने पर आपत्ति करते हुए कहा कि जगह थी तो उसे मैदान से दूर क्यों नहीं बनवाया गया। कमरे दिखाने की बात पर 2 कक्षाओं की चाबी नहीं मिली।
जेई राजीव गोयल ने कहा कि स्कूलों में काम चल रहा है। सामान रखा होने से चाबी प्रधान के पास हैं। कमरों में बिजली फिटिंग अव्यवस्थित होने पर कहा कि स्कूलों में बिजली उपलब्धता की बड़ी समस्या है। चौकी के पास बनवाए गए सामुदायिक शौचालय में झाड़ूू, फिनायल व अन्य सामान रखने के लिए सुरक्षित स्थान बनाने को कहा। चबूतरे पर हैंडपंप का पानी बहने से रोकने को घेरा नहीं बनाने पर सवाल खड़ा किया। शौचालय के चबूतरे पर देखरेख करने वाली समूह की महिला के बैठने के लिए चौकी बनवाने को कहा। रेलवे लाइन के किनारे झोपड़ी के बाहर मजदूरी पर रजाई में डोरा डाल रही महिलाओं से हाल पूछे तो सीमा ने कहा कि आय प्रमाणपत्र व क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए लेखपाल अनुराग सिंह ने पैसे मांगे। 500 रुपये दे दिए, लेकिन और पैसे न देने से वह कई कागज वापस नहीं दे रहा। इस पर सचिव ने मौके पर मौजूद लेखपाल से कहा तुम्हारे खिलाफ कार्रवाई होगी। डीएम ने बीडीओ राजेश बघेल से प्राप्त पेंशन स्वीकृति का आदेश महिला को दे दिया तो खुशी में उसकी आंखें नम हो गईं।
मनरेगा में फंसा पेंच तो बीडीओ व एपीओ ने दी सफाई
- क्षेत्र पंचायत कार्यालय के निरीक्षण में रजिस्टर देखे तो एडीओ व सचिव के भ्रमण में गांव के नाम व कार्यों का विवरण लिखा नहीं मिला। मनरेगा डिमांड में तारीख न पड़ी होने व उसकी रिसीविंग न दिए जाने पर वह नाराज हुईं। कहा कि यह तो बड़ी गड़बड़ी है। इसपर बीडीओ ने कहा कि वह मूल पद पर नहीं हैं, उनके पास चार्ज है। वहीं, एपीओ आशाम सिंह ने कहा कि वह दो माह पहले ही आए हैं।