फर्रुखाबाद। विजय दिवस के उपलक्ष्य में पूर्व सैनिकों ने शहीदों को नमन किया। वीरांगनाओं को शाल उढ़ा कर सम्मानित किया गया। युवाओं को भी देश की रक्षा के लिए आगे आने के लिए कार्यक्रम चलाने की बात कही गई। मुख्य अतिथि ने कहा कि सेना में अनुशासन ही जीत की कुंजी है।
मंगलवार को फतेहगढ़ स्थित जिला सैनिक कल्याण एवं पुर्नवास अधिकारी कार्यालय स्थित शहीद स्मारक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व कमांडर नवीन कटियार ने कहा कि 1971 का युद्ध एतिहासिक युद्ध था। दृढ़ प्रतिज्ञा, उच्च कोटि का नेतृत्व, देश के प्रति समर्पण, कौशल से ही इस युद्ध में विजय प्राप्त हुई थी।
सेना में अनुशासन ही जीत की कुंजी है। सेना के बाहर भी लोगों को अनुशासन में रहकर देश की प्रगति में योगदान देना चाहिए। कर्नल रविंद्र सिंह ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा ज्यादा से ज्यादा सेना में जाकर देश की सुरक्षा के लिए आगे कदम उठाएं। देश की उन्नति में अपना योगदान दें।
देश की प्रगति, सुरक्षा और उन्नति के लिए युवाओं को प्रेरित किया जा रहा है। कार्यक्रम में युद्ध में शहीद हुए जवानों की पत्नियों सरला देवी, कमलेश कुमारी, सरवता देवी, दयारानी, और शांतिदेवी को शाॅल उढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान वीरेंद्र सिंह राठौर, आनरेरी कैप्टन उदयराज सिंह, एके दीक्षित, सूबेदार राजेंद्र सिंह आदि रहे।