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Farrukhabad News: डॉक्टर न आने से बिना परीक्षण लौटे दिव्यांग

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फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में सोमवार को लगा दिव्यांग बोर्ड दिव्यांगों के लिए छलावा साबित हुआ। दोपहर डेढ़ बजे तक डॉक्टर न पहुंचने से अधिकतर दिव्यांग मायूस होकर लौट गए। जानकारी पर एसीएमओ ने दूसरे डॉक्टर को बुलाकर मौजूद दिव्यांगों का परीक्षण कराया।
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दिव्यांग बोर्ड में तीन डॉक्टरों का पैनल बैठने का नियम है। स्वास्थ्य विभाग में दो वर्ष से ईएनटी सर्जन की तैनाती ही नहीं है। सोमवार को नेत्र सर्जन डॉ. मेघा सक्सेना दिव्यांग बोर्ड पहुंचीं और आंख से संबंधित दिव्यांगों का परीक्षण कर 13 आवेदनों पर रिपोर्ट लगाई। दोपहर करीब एक बजे वह चली गईं।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा ड्यूटी होने के बावजूद पहुंचे ही नहीं, जबकि लोहिया अस्पताल में उनके कक्ष के बाहर दिव्यांग बोर्ड में जाने का नोटिस लगा था। इससे सुबह 10 से एक बजे तक इंतजार के बाद अधिकांश दिव्यांग मायूस होकर लौट गए। जानकारी पर बोर्ड के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा वहां पहुंचे और सीएमएस डॉ.राजकुमार गुप्त से डॉक्टर भेजने को कहा। सीएमएस ने आर्थो सर्जन डॉ. नीरज वर्मा को दिव्यांग बोर्ड भेजा। एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि दूसरे डॉक्टर को बुलाकर दिव्यांगों का परीक्षण कराया गया। बोर्ड में कुल 55 दिव्यांगों के आवेदन आए। इसमें हड्डी रोग संबंधित 37 व आंख के 13 दिव्यांगों का परीक्षण हुआ। ईएनटी सर्जन न होने से दो दिव्यांगों को परीक्षण के लिए कानपुर रेफर किया गया। तीन आवेदन रिजेक्ट हुए, जबकि तीन कार्ड बनाए गए।
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