बीवीपुर में डायरिया की चपेट में आने से दस माह की बालिका की हालत बिगड़ गई। नर्सिंग होम में उसका इलाज शुरू किया गया। मगर रविवार सुबह उसकी मौत हो गई। उधर, लोहिया अस्पताल में डायरिया पीड़ित दस और मरीज भर्ती कराए गए। अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर मरीजों में नाराजगी है।
उक्त गांव निवासी दिलीप कुमार की सबसे छोटी पुत्री रेशू (10 माह) की शनिवार को अचानक तबीयत खराब हो गई। उसको उल्टी और दस्त होने लगी। हालत बिगड़ने पर पिता ने कस्बा स्थित प्राइवेट अस्पताल से बच्ची को दवा दिलाई। थोड़ी राहत मिलने पर वह बच्ची को लेकर घर चले आए। रविवार रात करीब 2 बजे उसको उल्टी और दस्त फिर शुरू हो गई। रविवार सुबह करीब 5 बजे रेशू ने दम तोड़ दिया। दिलीप ने बताया कि उसकी चार पुत्रियां थीं। सबसे बड़ी पुत्री की चार साल पहले मौत हो चुकी है। अब उसकी दो बेटियां बची हैं।
उधर, मऊदरवाजा के गांव कुइंयाबूट निवासी लोहिया अस्पताल के रिटायर्ड कर्मचारी सुखवासी लाल को डायरिया होने पर परिवार के लोगाें ने लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में भर्ती सुखवासी लाल ने बताया कि यहां पर बिजली चले जाने के बाद जनरेटर नहीं चलाया जाता। इससे भीषण गर्मी में हाल बेहाल हो जाता है। सुखवासी ने कहा कि जल्द ही इस ओर अस्पताल प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया तो वह धरना देंगे।
वहीं रविवार को फतेहगढ़ के मोहल्ला पुलमंडी निवासी देव पुत्र दारा सिंह, जाफरी निवासी वीरेंद्र, नवाबगंज के गांव नगला निजाम निवासी ऋचा पुत्री प्रमोद कुमार, प्रतीक्षा पुत्री मानसिंह, आरती पुत्री सूबेदार, सोनी पुत्री गोविंद, लविश पुत्र रावेंद्र, शहर के आवास विकास कालोनी निवासी अनुराग, जिला कन्नौज थाना गुरसहायगंज के गांव टपका निवासी ध्रुव सिंह को डायरिया से पीड़ित होने पर परिवार के लोगों ने लोहिया अस्पताल मेें भर्ती कराया।