फर्रुखाबाद। बरसात के मौसम में उमस भरी गर्मी होने से डायरिया, बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। रविवार को कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगा आरोग्य मेला डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट के भरोसे रहा। एलटी न होने से मरीजों की जांच भी नहीं हो सकी।
जनपद में शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आरोग्य मेला लगा। अव्यवस्थाओं के चलते मरीजों को आरोग्य मेला का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। नगरीय पीएचसी रकाबगंज में डॉ.शोभा सक्सेना के मौजूद न होने से फार्मासिस्ट दीपक ने मरीज देखे। पीएचसी आईटीआई में कुल 40 मरीज पहुंचे। यहां डॉ.आकांक्षा सक्सेना कुछ देर रुककर चली गईं। इससे अधिकतर मरीज फार्मासिस्ट पंकज कुमार ने देखकर उन्हें दवाई दी। सर्वाधिक मरीज बुखार व एलर्जी के थे। एलटी न होने से बुखार के मरीजों की जांच नहीं हो सकी। कुछ ऐसा ही हाल पीएचसी नवदिया का रहा।
यहां डॉ.सचिन कटियार की अग्निवीर भर्ती में कैंट में ड्यूटी लगी होने से फार्मासिस्ट ने मरीज देखकर दवा दी। एलटी न होने से किसी की जांच नहीं हो सकी। पीएचसी भोलेपुर में डॉ.श्वेता सिंह ने 35 मरीज देखे। यहां गर्भवती महिलाओं की संख्या अधिक रही। एलटी विनय ने मरीजों की जांच की। डॉ.श्वेता ने बताया कि मौसम बदलने से प्रतिदिन डायरिया, बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या अधिक रहती है।
डायरिया के प्रतिदिन 5-6 मरीज आ जाते हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रमन्ना गुलजार बाग में डॉ.ऋषिनाथ गुप्ता व फार्मासिस्ट अरविंद यादव ने 49 मरीज देखकर दवा दी। एलटी न होने से बुखार के छह मरीजों में किसी की जांच नहीं हो सकी। खुजली व एलर्जी के 14 मरीज थे।
बिना डॉक्टर व एलटी के आरोग्य मेला
शमसाबाद। क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिलसरा बिना डॉक्टर व एलटी के फार्मासिस्ट नरेंद्र सिंह ने 37 मरीज देखे। इसमें सर्वाधिक मरीज बुखार थे। बिना जांच के ही मरीजों को दवा लेकर जाना पड़ा। पीएचसी फैजबाग में भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा। डॉ.कल्पना कटियार की कांवड़ यात्रा कैंप में ढाई घाट पर ड्यूटी लगी बताई गई। फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने 35 मरीज देकर दवा दी। एलटी अलका ने नौ मरीजों की जांच की। (संवाद)
बाढ़ क्षेत्र के गांव में शिविर लगाकर देखे 156 मरीज
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अमृतपुर। गंगा किनारे बसे गांव में रविवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाया गया। शिविर में डाॅक्टर ने 156 मरीज देख कर दवा दी। मरीजों की जांच भी कराई गई।
सीएमओ के निर्देश पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर के डॉ.गौरव वर्मा ने गंगा के तटवर्ती गांव कुड़री सारंगपुर में स्वास्थ्य शिविर लगाया। सर्वाधिक मरीज एलर्जी व बुखार से संबंधित थे। इस दौरान 20 मरीजों की मलेरिया व 15 मरीजों की टाइफाइड की जांच कराई गई। डॉक्टर ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शिविर लगाकर उपचार करने के आदेश हैं। बुखार व एलर्जी के मरीजों की संख्या अधिक है। (संवाद)