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पंखी नगला गांव में फैला डायरिया, कई बीमार

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गांव पंखी नगला में ब्लड का सैंपल लेती डाक्टर की टीम। - फोटो : FARRUKHABAD
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कटरी क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाके के गांव पंछी नगला में गंदगी के बीच जीवनयापन कर रहे कई ग्रामीण दूषित पानी पीने से डायरिया की चपेट में आ गए है। कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। चिकित्सा टीम ने गांव पहुंचकर दवा का वितरण किया और मलेरिया की संभावना पर ब्लड सैंपल लिए। डायरिया की चपेट में आए पांच मरीजों को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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पंखी नगला गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। बारिश होने से गांव में हैंडपंपों के पास गंदा पानी भरा है। इससे हैंडपंप का पानी दूषित होने लगा है। दूषित पानी पीने से लोग बीमार पड़ने लगे है। गांव पंछी नगला में गलियों में गंदगी का अंबार लगा है। इससे मच्छर पनप रहे है।
शुक्रवार से लेकर शनिवार तक गांव में एक ही परिवार के दोदराम के 13 वर्षीय पुत्र सुनील, 8 वर्षीय पुत्र विपिन, राजपाल की 9 वर्षीय पुत्री शिवानी, उमेश की 19 वर्षीय पत्नी प्रियंका व 47 वर्षीय पातीराम दूषित पानी पीने से डायरिया की चपेट में आ गए। सभी को सीएचसी में भर्ती कराया गया।
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गांव में अन्य के बीमार होने की सूचना पर सीएचसी से डॉ सुनील वर्मा, फार्मासिस्ट केएम वर्मा, वीएसडब्लू रामनरेश टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम को गांव में गलियों व आम रास्ते पर गंदगी का अंबार मिला। बस्ती के बीच जलभराव मिला। हैंडपाइप गंदगी के बीच लगा मिला, जहां से पानी निकलने की कोई नाली नहीं थी।
डॉक्टर के मुताबिक हैंडपाइप के पास जलभराव से उसका पानी दूषित हो गया। टीम ने गांव उल्टी दस्त के मरीजों को दवा बांटी व 18 मरीजों में मलेरिया की संभावना पर खून का नमूना लिया। साथ ही कुएं व हैंडपाइप के आसपास क्लोरीन डाली।
सीएचसी में भर्ती सभी मरीज घर चले गए थे। इनमें से पातीराम की हालत बिगड़ने पर दोबारा भर्ती कराया गया है। डॉ अमरेश कुमार ने बताया गांव में टीम गई थी। उल्टी दस्त व हल्के बुखार बाले मरीजों को दवा दी गयी है।
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