फर्रुखाबाद। शमसाबाद ब्लाक के वार्ड संख्या तीन से जिला पंचायत सदस्य पद का उम्मीदवार 16 मतों से जीतने बाद सुबह हार गया। प्रमाण पत्र लेने गए प्रत्याशी और इनके समर्थकों को सोमवार की रात कलेक्ट्रेट से लठियाकर भगा दिया गया। मंगलवार की सुबह प्रतिद्वंद्वी को प्रशासन ने अभिलेखों में छह वोटों से विजयी दिखा दिया। इसके विरोध में जीतने के बाद हारे प्रत्याशी ने समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट में चकबंदी कार्यालय के बाहर धरना दिया। पुलिस ने इनको खदेड़ दिया। सीओ ने प्रत्याशी और समर्थकों को बुलाकर वार्ता। सीडीओ ने बताया कि मामला संदिग्ध है। इस कारण डीएम को अवगत कराया जाएगा और जांच कराने के लिए कमेटी का गठन कराया जाएगा।
कलेक्ट्रेट में समर्थकों के साथ धरने पर बैठे प्रत्याशी अतुल सिंह गंगवार का कहना है कि उन्होंने वार्ड तीन से जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव लड़ा था। इसमें 4777 मत मिले थे। प्रतिद्वंद्वी रवेंद्र सिंह को 4761 वोट मिले। वह 16 मतों से विजयी हुए। रात करीब 10 बजे समर्थकों के साथ कलेक्ट्रेट मेें जीत का प्रमाण पत्र लेने चकबंदी कार्यालय में आए। अधिकारी और कर्मचारियों ने मंगलवार की सुबह प्रमाण पत्र लेने की बात कही। यहां जीते प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिए जा रहे थे।
रात 12 बजे तक प्रमाण पत्र न मिलने से समर्थकों की भीड़ जुटने लगी। भीड़ अधिक होती देख प्रशासन ने पुलिस को बुलाकर प्रत्याशी और इनके समर्थकों को पिटवा दिया। मंगलवार की सुबह अतुल गंगवार समर्थकों के साथ करीब 10 बजे कलेक्ट्रेट प्रमाण पत्र लेने पहुंचे तो इन्हें बताया गया कि रवेंद्र सिंह से छह वोट कम होने के कारण वह हार गए हैं। यह सुनकर अतुल गंगवार और इनके समर्थकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। समर्थकों का कहना था कि प्रशासन ने जीते हुए को हरा दिया और हारे प्रत्याशी को जिताया है।
इसको लेकर अतुल, समर्थकों के साथ चकबंदी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। इन्होंने नारेबाजी कर विरोध प्रकट किया। दोपहर करीब एक बजे पुलिस ने चकबंदी कार्यालय पहुंच कर धरना प्रदर्शन करने वालों को लाठी दिखाकर खदेड़ दिया। सभी लोग नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में मौजूद सीडीओ के पास पहुंचे। सीडीओ एसएन शुक्ल ने कहा कि डीएम को मामले से अवगत कराया जाएगा। मामला संदिग्ध है। इसकी जांच कराए जाने के लिए डीएम से कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। कमेटी गठन के बाद जांच होगी। इसके बाद निर्णय लिया जाएगा।