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गंगा स्नान और आशीर्वाद लेकर विदा हुए भक्तजन

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मेला रामनगरिया में कल्पवास कर ट्रैक्टर पर सामान रखकर घर लौटते कल्पवासी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। माघ महीने गंगा के तटपर कल्पवास कर स्नान कर भगवत भजन करने वाले कल्पवासी और संत रविवार को मां गंगा से आशीर्वाद लेकर अपने घरों व स्थलों की ओर रवाना हो गए। संतों ने मां भागीरथी से अगले साल फिर आने की अनुमति ली। अंतिम दिन बाजार और मनोरंजन क्षेत्र में बेशुमार भीड़ दिखी।
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पांचाल घाट स्थित भागीरथी के तट रेत के ढेर पर हजारों राउटी लगाई गईं। एक माह तक गंगा स्नान, दान, साधना का क्रम चलता। प्रतिपदा के दिन बड़ी संख्या में गंगा भक्तों ने सुबह ही हर-हर गंगे उद्घोष के साथ डुबकी लगाई और माता से विदाई ली। अगली साल फिर आने का आशीर्वाद भी चाहा।
वैष्णव संप्रदाय के अध्यक्ष बड़े हनुमान भोले मंदिर के महंत बाबा बालक दास ने जाने वाले कल्पवासियों को माघ मास बारे में बताया। कहा कि माघ महीना सबसे पवित्र माना जाता है। इस महीने में एक माह के लिए गंगा के तट पर कल्पवासी कल्पवास करते हैं। इस माह में सभी देवता गंगा के तट पर रहते हैं। गंगा स्नान करने से चारों युगों का फल प्राप्त होता है।
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रविवार को सुबह होते ही विदाई के कवक्त भक्तों की आंखें नम हो गईं। लोग गंगा जल भी भरकर साथ ले गए। अभी कई संतों की राउटियां लगी हैं। कल्पवास क्षेत्र वीरान सा लगने लगा है। गंगा के तट पर गंदगी के अंबार लगे हैं। पूरा क्षेत्र पत्तल, दोना, पुआल से अटा पड़ा है। मेला, बाजार, मनोरंजन क्षेत्र में अभी भी शानदार रौनक है। लोग झूले का आनंद ले रहे हैं। महिलाएं व युवतियां बाजार से खरीदारी कर रही हैं।
सफाईकर्मियों, मेलाकर्मियों को किया सम्मानित
मेला रामनगरिया का जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने समापन किया। डीएम ने मेला कर्मचारियों व सफाई कर्मियों को सम्मानित भी किया। एसडीएम अनिल कुमार व मेला प्रबंधक संदीप दीक्षित ने डीएम को राममंदिर का स्वरूप भेंट किया। सीडीओ, एडीएम आदि अधिकारियों को भी स्मृतिचिह्न भेंट किए गए।
गंगा स्नान, धूनी पूजा करके चले दिए त्यागी साधु
गंगा के तट पर कल्पवास करने आए त्यागी बजरंग दास, मोहनदास का कहना है कि धूनी पूजा की शुरुआत बसंत पंचमी से होती है और जेठ दशहरा तक चलती है। अनुष्ठान चार माह का होता है। इस पूजा से भगवान को मानने का प्रयास करते हैं। भीषण गर्मी में भी मंत्रोच्चार के साथ धूनी पूजा के चारों ओर जलती अग्नि के बीच बैठकर करीब 3 घंटे तक अग्नि शांत होने तक पूजा होती है। प्रभु की आस में गर्मी का भी एहसास नहीं होता है।
यातायात पुलिस की लापरवाही से लगा जाम
कल्पवासी अपने वाहनों से घरों को जा रहे थे। वाहनों की संख्या अधिक होने से गंगा के पुल के दोनों ओर लंबा जाम लग गया, लेकिन यातायात पुलिस कहीं दिखाई नहीं दी। कुछ पुलिस कर्मी पुल के पास कुर्सियों पर बैठकर आराम फरमा रहे थे। पुलिस की लापरवाही के चलते मसेनी चौराहा से लेकर जमापुर तक लंबा जाम लग गया, जिससे कल्पवासियों को परेशानी उठानी पड़ी।
कलशों का हुआ विसर्जन
पांचाल घाट पर शनकादेश्वर महाकाल मंदिर में भागवत कथा का आयोजन चल रहा था। रविवार को धूमधाम से समापन किया गया। भागवत कथा के लिए रखे गंगा जल भरे कलशों का महिलाओं ने विसर्जन किया। सिर पर कलश रखकर महाकाल मंदिर की सात बार भी लगाई गईं। भक्तों को प्रसाद भी बांटा गया।
निकाली स्वच्छता रैली
नमामि गंगे प्रकल्प और अंतर्राष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण, आरएसएस कार्यकर्ताओं ने मेले में स्वच्छता रैली निकाली। संतों और कल्पवासियों को कपड़े के थैले बांटे। इस मौके पर रवि मिश्रा, स्वदेश दुबे, गौरव, श्वेता दुबे, नरायन शुक्ला, अजय दीक्षित आदि थे।
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