फर्रुखाबाद। 22 साल पूर्व दबिश देने गए थानाध्यक्ष सहित चार पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में एंटी डकैती कोर्ट के न्यायाधीश शैलेंद्र सचान ने कलुआ गैंग के सदस्य देवेन्द्र कुमार उर्फ फौजी को दोषी ठहराया।
दोषी को 25 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। साक्ष्य न मिलने पर दो अन्य आरोपियों को मुकदमे से बरी कर दिया गया। थाना कंपिल के हैड कांस्टेबल रामसेवक यादव ने 26 मार्च 2003 को कलुआ गैंग के 40 अज्ञात सदस्यों के खिलाफ डकैती कर हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस की जांच में कलुआ गैंग के मुख्य सदस्य जनपद पीलीभीत थाना बीसलपुर के गांव परनिया निवासी देवेन्द्र कुमार उर्फ फौजी का नाम सामने आया। इसके अलावा धनपाल निवासी थाना अमृतपुर गांव गूजरपुर, जनपद शाहजहांपुर थाना कांठ के गांव ददरौल निवासी सोनपाल के नाम प्रकाश में आए।
विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ डकैती कर हत्या करने के मामले में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र शैलेंद्र सचान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं।
गवाह व सबूतों को मद्देनजर रखते हुए देवेन्द्र कुमार उर्फ फौजी को डकैती कर हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया। दोषी को 25 सितंबर को सजा सुनाई जाएगी। जबकि धनपाल और सोनपाल को बरी कर दिया गया।