फर्रुखाबाद। किसानों को आलू भंडारण में हो रही दिक्कतों के चलते रविवार को उपनिदेशक उद्यान ने शीतगृहों का निरीक्षण किया। उन्हें 24 फीसदी तक शीतगृह खाली मिले। उन्होंने संचालकों को किसानों का आलू प्राथमिकता से भंडारित करने की चेतावनी दी।
शीतगृह संचालकों की मनमानी के चलते किसान आलू भंडारित करने के लिए भटक रहा था। अब अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने छह मार्च को निरीक्षण के बाद निगाहें सख्त कर दी हैं। इसके चलते उद्यान विभाग के उपनिदेशक कानपुर मंडल बलजीत सिंह ने रविवार को जिले में आकर 11 शीतगृहों का निरीक्षण किया। उन्होंने बेवर रोड स्थित एमडी कोल्ड स्टोरेज, बांके बिहारी, भगवान कोल्ड स्टोरेज सींगनपुर के अलावा बघार स्थित बाबू सिंह दददू सिंह, ढिलावल स्थित राधिका, सेंट्रल जेल के निकट स्थित कृष्णा देवी, सावित्री, शकुंतला, काश्तकार, एमआर व गिरजा देवी शीतगृह में आलू भंडारण की स्थिति देखी।
मौके पर आलू भरे वाहनों की लाइनें नहीं मिलीं। भंडारण क्षमता के मुताबिक शीतगृहों में 20 से 24 प्रतिशत भंडारण कम मिला। उपनिदेशक ने शीतगृह में जगह रहने तक किसानों का आलू भंडारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बोर्ड पर भंडारण की स्थिति और भंडारण भाड़ा अंकित न होने के साथ ही बेवजह किसान को भंडारण के लिए परेशान करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
आलू खरीदकर भंडारण करने वाले शीतगृह संचालकों पर नकेल कसने के लिए शासन से पूरी तैयारी कर ली गई है। अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के आदेश पर सभी शीतगृहों की ऑनलाइन फीडिंग की जा रही है। किस शीतगृह में कितना आलू भंडारित है, इसकी भी ऑनलाइन फीडिंग होगी। इससे अब शीतगृह संचालक मनमाने तरीके से भंडारण फुल नहीं दिखा सकेंगे। अपर मुख्य सचिव ने शीतगृहों की निगरानी में लगाए गए कर्मचारियों की भी फीडिंग करने के आदेश दिए हैं। इससे अब शीतगृह में मनमानी होने पर संबंधित क्षेत्रीय कर्मचारी पर भी कार्रवाई की तलवार लटकना तय हो गया है। शीतगृहों में आलू भंडारण की अपर मुख्य सचिव के कार्यालय से सीधे निगरानी की जाएगी। इसके लिए उद्यान विभाग से प्रतिदिन आलू भंडारण की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।