फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र में किराए के भवनों में चल
रहे स्कूलों में नौनिहालोें की जिदंगी खौफ के साए में कट रही है। यहां
जगह-जगह मौत ठिठकी है।
स्कूल में चारों तरफ चटकी दीवारों के गिरने का खतरा
है। अगर चटकी दीवारें ढहीं तो बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता है।
इसके अलावा शहरी इलाके में रिहाइशी भवनाें में भी स्कूल चल रहे हैं।
गंगानगर कालोनी में छत पर टॉवर लगे मकान में 600 बच्चे पढ़ रहे हैं। नगर
क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति पर पड़ताल करती रिपोर्ट-
केस: एक
कन्या प्राथमिक विद्यालय, तलैया फजल इमाम
शहर
के मोहल्ला तलैया फजल इमाम में प्राथमिक विद्यालय कन्या एवं बालक किराए के
भवन में एक ही प्रागंण में लगते हैं। कन्या में 70 और बालक में 50 बच्चे
पंजीकृत है। यहां एक कमरा है, इसमें एमडीएम का सामान रखा है।
छात्र-छात्राओं को मैदान में बैठाकर पढ़ाया जाता है।
भवन का गेट और चारों
तरफ की दीवारें जर्जर व चटकी हैं। मुख्य गेट कभी भी गिर सकता है। जर्जर
दीवारों और गेट के गिरने का भय हर समय रहता है। प्रधानाध्यापिका रीता
पांडेय ने बताया कि बरसात के दिनों में मैदान में पानी भर जाता है। इस कारण
पढ़ाई बंद हो जाती। दीवारें चटकी हैं। इनके गिरने का डर बना रहता है। शहर
में ऐसे स्कूल एक दो की संख्या में नहीं बल्कि 22 हैं।
केस: दो
प्राथमिक विद्यालय, हाथीखाना
फतेहगढ़
नगर के मोहल्ला हाथीखाना में किराए के भवन में प्राथमिक विद्यालय और कन्या
प्राथमिक विद्यालय तलैया लैन संचालित है। दोनों स्कूलों में 78 बच्चे
पंजीकृत हैं। यहां नौनिहाल एक टीन शेड के नीचे बैठ कर पढ़ते हैं। मुख्य गेट
की दीवारें और टीन शेड के पास बना कमरा चटका है।
यह कभी भी गिर सकता है।
प्रधानाध्यापक नरेन्द्र पाल सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों के बैठने की
जगह नहीं है। कमरा और मुख्य गेट की दीवारें चटकी होने के कारण इनके गिरने
का भय रहता है।
नगर क्षेत्र के स्कूलों की स्थिति
बेसिक
शिक्षा विभाग के नगर क्षेत्र में 61 प्राइमरी और 10 जूनियर स्कूल संचालित
हैं। इसमें 40 स्कूल किराए के मकानों में चल रहे हैं। इनमें से 22 स्कूलों
के भवन जर्जर हो चुके हैं। यह कभी भी गिर सकते हैं।
नवीन मान्यता शर्त से कई बाहर
शासन
से वर्ष 2013 में नवीन मान्यता संबंधी आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
कार्यालय में आया था। इस नए शासनादेश के तहत सभी प्राइवेट स्कूलों की नवीन
मान्यताओं की शर्तों को पूरा करना था। लेकिन नवीन मान्यता की शर्तों को अभी
तक अधिकांश स्कूलों ने पूरा नहीं किया है। क्योंकि नवीन शर्तों के मुताबिक
कई स्कूलों की मान्यताएं समाप्त हो जाएंगी।
नवीन शासनादेश का पालन कराने
के लिए शिक्षा विभाग के अफसरों ने भी सुधि नहीं ली। इस कारण आदेश फाइल में
दब कर रह गया है।
किराए के जर्जर भवनों में चल रहे स्कूलों को दूसरी
जगह संचालित कराए जाने के लिए सूची तैयार कर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को
दी जाएगी। ताकि शासन को सूची भेज कर इन स्कूलों के लिए दूसरी जगह व्यवस्था
की जा सके।
अनिल शर्मा, प्रभारी नगर शिक्षा अधिकारी।