फर्रुखबाद। किशोर न्याय बोर्ड के आदेश के बाद भी कार्रवाई न होने पर एसपी को प्रार्थनापत्र देकर तत्कालीन मऊदरवाजा एसओ सहित अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की गई है।
इसमें लाइसेंसी शस्त्र देने मात्र में गलत मुकदमा दर्ज कर चालान करने का आरोप लगाया गया है।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र के गांव अर्रापहाड़पुर निवासी शिवम उर्फ सार्थक ने एसपी अशोक कुमार मीणा को प्रार्थना पत्र दिया।
आरोप लगाया कि 15 नवंबर 2013 को तत्कालीन मऊदरवाजा एसओ श्रीकांत यादव, सिपाही रामशंकर तिवारी, धर्मेंद्र कुमार, नीरज कुमार, रामसेवक घर पर आए।
एसओ ने बादाम सिंह के नाम से लाइसेंसी राइफल देखने के लिए मांगी। इस दौरान बादाम सिंह घर पर नहीं थे। शिवम ने राइफल व कारतूस एसओ को दे दिए।
पुलिस शिवम को थाने लेकर गई। दरोगा कमल कुमार तिवारी ने शिवम के खिलाफ अवैध रूप से शस्त्र रखने का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया।
किशोर न्याय बोर्ड में सुनवाई के दौरान एसओ श्रीकांत यादव ने स्वीकार किया कि शिवम के खिलाफ गलत रिपोर्ट दर्ज की गई। उसके खिलाफ अपराध नहीं बनता और गलत रिमांड लेना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
किशोर न्याय बोर्ड ने शिवम को दोषमुक्त कर 15 अक्तूबर को सभी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए, लेकिन अभी तक कर्रावाई नहीं की गई। तत्कालीन एसओ सहित अन्य पुलिसकर्मी समझौते को लेकर धमकी दे रहे हैं।