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कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने खाली कराया मकान

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फर्रुखाबाद। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने मकान को कब्जा मुक्त करवा दिया। इसके बाद महिलाओं की भीड़ कोतवाली पहुंची।
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उन्होंने त्योहार का हवाला दिया, मगर इंस्पेक्टर ने बैरंग वापस कर दिया।
शहर के मोहल्ला भीकमपुरा में चंद्रशेखर का मकान है। उस पर कई लोग काबिज थे। परेशान चंद्रशेखर ने कोर्ट में मुकदमा दायर किया।
इसके बाद सिविल जज सीनियर डिवीजन ने मऊदरवाजा थानाध्यक्ष को आदेश दिया कि वह 18 अक्तूबर तक मकान को खाली करवा दें।
कोर्ट के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने पहुंचकर मकान को खाली करा दिया। उसमें रखा सामान घर के बाहर कर दिया।
इसके बाद दूसरे पक्ष के विनोद, लल्ली, अमित, धर्मेंद्र, वंदना, सोल्जर गुड्डू आदि भीड़ लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने इंस्पेक्टर आमोद कुमार सिंह से त्योहार तक मकान में रहने का आग्रह किया।
मगर उन्होंने कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में करने की बात कहकर वापस कर दिया।
छात्रा के बाल काटने में प्रबंधक की रिमांड खारिज
16 को की गई थी शिकायत, थाने से मिली जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। छात्रा के बाल काटने पर छेड़छाड़ के मुकदमे में पकड़े गए प्रबंधक की रिमांड कोर्ट ने खारिज कर दी। पुलिस ने थाने से आरोपी प्रबंधक को जमानत पर छोड़ दिया।
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नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग छात्रा ने 16 अक्तूबर को अपर जिलाधिकारी सुभाष चंद्र राजपूत को प्रार्थना पत्र देकर एमपी एजूकेशनल सेवा समिति डॉ. नेकरामनगर विद्यालय के प्रबंधक सुमित यादव के खिलाफ शिकायत की। इसमें आरोप लगाया कि वह कक्षा आठ की छात्रा है। प्रबंधक ने उसके बाल काटकर कमरे में बंद कर छेड़छाड़ की। पुलिस ने भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
पुलिस ने बुधवार को आरोपी प्रबंधक सुमित यादव को गिरफ्तार कर लिया। गुरुवार को सुमित यादव को पुलिस ने रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया। प्रबंधक सुमित ने बयान दिए कि किशोरी को दो चोटी बांधकर कालेज आने के लिए कहा था। अवहेलना करने पर छात्रा को डांट कर कॉलेज आने के लिए मना कर दिया था। नवाबगंज के एक कॉलेज में तैनात शिक्षक ने फर्जी मुकदमा लिखाया है।
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न्यायाधीश ने विवेचक से पूछताछ की तो वह कोई सटीक जवाब नहीं दे सके। कोर्ट ने माना कि 24 घंटे में कोई विवेचना समाप्त नहीं हो सकती। रिमांड के लिए विवेचक के पास कोई आधार नहीं था। कोर्ट ने रिमांड खारिज कर दी।
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