यूपी बोर्ड की परीक्षा को नकलविहीन कराने की योजना को शिक्षकों की कमी और सुरक्षा के अभाव से डंक लग गया है। दो दिन की परीक्षाओं ने विभागीय अधिकारियों की तैयारियों की हकीकत बयां कर दी है। कक्ष निरीक्षकों की कमी के कारण केंद्र व्यवस्थापकों को एक-एक शिक्षक की कक्ष में ड्यूटी लगानी पड़ रही है। केंद्रों की सुरक्षा होमगार्डों को सौंपी गई है।
18 फरवरी से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू हुई थीं। 19 फरवरी को प्रथम पाली में हाईस्कूल की संगीत वादन और इंटरमीडिएट की गृह विज्ञान की परीक्षा हुई थी। दो दिन की परीक्षाओं ने शिक्षा विभाग की तैयारियों की हकीकत खोल दी। बोर्ड परीक्षा के लिए लगभग 3300 शिक्षकों की जरूरत थी।
इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की कमी के कारण जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेज कर लगभग 2300 शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की मांग की थी। शेष माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जानी थी। बोर्ड परीक्षा में लगभग 1600 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई। इसमें 800 बेसिक शिक्षा विभाग और 800 माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षक शामिल हैं।
इस कारण परीक्षाओं में कक्ष निरीक्षकों का अभाव पड़ा और एक कक्ष में दो के स्थान पर एक-एक शिक्षक की ड्यूटी लगाई गई। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के लिए पुलिस कर्मियों की बजाए एक या दो होमगार्डों को तैनात किया गया है। डीआईओएस कमलेश बाबू ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के कम शिक्षकों की ड्यूटी लगी है।
इस कारण वित्तविहीन विद्यालयों के मानदेय शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। अब परीक्षा में शिक्षकों की कमी नहीं होगी। बीईओ बढ़पुर बेगीश गोयल ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में 800 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। यह ड्यूटी ब्लॉक वार लगाई गई है। इसकी जानकारी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में भेजी गई है।
परीक्षार्थियों की उपस्थिति और अनुपस्थिति की रिपोर्ट मोबाइल एप से सीधे माध्यमिक शिक्षा परिषद को दिए जाने की पहली बार शुरू हुई योजना परवान नहीं चढ़ सकी। दो दिन की परीक्षाओं में 60 फीसदी केंद्र व्यवस्थापक ही सिमों का प्रयोग कर सके। इस कारण परिषद को सीधे परीक्षा की रिपोर्ट नहीं पहुंच सकी। रामानंद बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य ने मोबाइल एप संचालित न होने की जानकारी डीआईओएस कार्यालय में दी।
इसमें कहा गया कि एप से सूचना भेजने पर बेवसाइट इनवैलिड सेंटर फॉर दी स्टूडेंट की रिपोर्ट देता है। इस कारण दिक्कत आ रही है। मास्टर ट्रेनर राघव मिश्र ने बताया कि 60 फीसदी मोबाइल एप का प्रयोग हो सका है। बताया कि स्मार्ट मोबाइल फोन में सिम एक्टीवेट करने के बाद जिन शिक्षकों ने मोबाइल बदल दिया उन केंद्र व्यवस्थापकों की सिमों ने काम करना बंद कर दिया है। इस कारण दिक्कत हो रही है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा के दूसरे दिन शुक्रवार को इंटरमीडिएट गृह विज्ञान की परीक्षा को 176 परीक्षार्थियों ने छोड़ दिया। 2064 परीक्षार्थियों में से 1888 परीक्षा में शामिल हुए। हाईस्कूल की संगीत वादन की परीक्षा में कोई परीक्षार्थी अनुपस्थित नहीं रहा। शुक्रवार को सुबह पाली में दो केंद्रों पर हाईस्कूल संगीत वादन की परीक्षा हुई, इसमें 31 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सभी परीक्षा में शामिल हुए। इंटरमीडिएट गृह विज्ञान की परीक्षा सुबह पाली में हुई। इसमें 176 ने परीक्षा छोड़ दी। दोनों परीक्षाओं में कोई भी नकलची नहीं पकड़ा गया।
जिला विद्यालय निरीक्षक कमलेश बाबू ने बोर्ड परीक्षा में जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है, उनकी उपस्थिति संबंधी रिपोर्ट सभी केंद्र प्रभारियों से रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट शनिवार तक दिए जाने का आदेश दिया है।