मनरेगा की बकाएदारी बढ़ रही है। 1687 मस्टर रोलों का भुगतान नहीं हो पाया
है। ग्राम पंचायतों की खरीदी सामग्री का पैसा भी अटका हुआ है। वित्तीय सत्र
खत्म हो रहा है। जिले के दो विकास खंडों में अभी तक किसी को 100 दिन का
रोजगार भी मुहैया नहीं हुआ है। यह हाल तब है जब स्टेट फंड में 45 करोड़
रुपया पड़ा है।
जिले में मनरेगा की हालत नाजुक है। सात विकास खंडों में
1 लाख 25 हजार 930 जॉबकार्ड धारक पंजीकृत हैं। चालू माह में 29 हजार 873
मजदूरों ने क ाम मांगा था। इनमें से 21221 को ही काम मिला है। वित्तीय वर्ष
विदाई ले रहा है और विकास खंड बढ़पुर व मोहम्मदाबाद में अभी तक किसी भी
परिवार को 100 दिन का रोजगार नसीब नहीं हुआ है। जिले में महज 146 जॉबकार्ड
धारकों को ही 100 दिन का काम मिला है।
मनरेगा की बकाएदारियां भी बढ़ रही
हैं। शुक्रवार तक 1687 मस्टर रोलों का 96,31896 रुपया लटका हुआ है। इससे
मजदूर परेशान हैं। ग्राम पंचायतों की खरीदी गई सामग्री का भुगतान भी नहीं
हो पा रहा है। बिलों का 46,15,792 रुपया फंसा हुआ है। भुगतान न होने से
मजदूर काम करने से कतराने लगे हैं। इससे ग्राम सभाओं में काम ठप होने की
कगार पर है।
कुल बकाएदारी : 144,20,896 रुपया
मस्टर रोल : 1687
बकाया राशि: 96, 31,896 रुपया
सामग्री बिलों की संख्या: 143
बकाया राशि: 46.15792
इन्हें मिला सौ दिन काम
विकास खंड मजदूर परिवार
बढ़पुर 0
कायमगंज 18
कमालगंज 11
मोहम्मदाबाद 0
नवाबगंज 5
राजेपुर 60
शमसाबाद 52
80 मजदूरों का 2 लाख रुपया बकाया
फतनपुर
ग्राम पंचायत की प्रधान अनीता चतुर्वेदी का कहना है कि ग्राम सभा में 80
मजदूराें का करीब 2 लाख रुपया बकाया है। सामग्री खरीद के पौने दो लाख रुपये
का भी भुगतान नहीं हुआ है।
बोले जिम्मेदार
एफटीओ (फंड
ट्रांसफर आर्डर )जनरेट हो रहा है। खातों में पैसा भेजा जा रहा है। जल्द ही
मजदूरों को भुगतान हो जाएगा। सामग्री बिलों का भी भुगतान कर दिया
जाएगा।--जनार्दन यादव, उपायुक्त मनरेगा