फर्रुखाबाद। दरोगा के न्यायालय कर्मी भाई की मंगलवार को मौत के बाद लोहिया अस्पताल में पुलिस ने शव मॉर्चरी में रखवाने का प्रयास किया तो परिजन ने विरोध किया। राजेपुर थाने के एसओ व दरोगा पर कार्रवाई की मांग करने लगे। इसके बाद परिजन पुलिस लाइन पहुंचे और कार्रवाई न होने तक शव न उठने देने की बात कही। इसको लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। शाम को कलक्ट्रेट गेट के सामने धरने पर बैठ गए।
राजेपुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी अमित मिश्र (36) जिला जज नजारत में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी थे। 27 सितंबर की रात 8:30 बजे वह ड्यूटी कर बाइक से घर जा रहे थे। परिजन का आरोप है कि गांव भरखा के पास पीछे से आए बाइक सवार ने हमला कर दिया और धक्का देकर बाइक से गिरा दिया। घायल अमित मिश्र ने भागकर अपनी जान बचाई। 112 पर सूचना दी। उन्होंने घटना की तहरीर राजेपुर थाने में दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस कार्रवाई मेडिकल परीक्षण तक सीमित रही। जांच कर रहे दरोगा से जब अमित मिश्रा कहने गए तो उसने धमकाकर भगा दिया। अमित मिश्र खुद को अपमानित महसूस कर जान का खतरा होने से भयभीत रहने लगे। सुबह अमित को परिजन अचेत अवस्था में लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, वहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
इसी बीच पहुंची राजेपुर थाना पुलिस ने शव उठवाकर मॉर्चरी में रखवाने का प्रयास किया। परिजन ने विरोध करते हुए कहा कि यदि पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करती तो सदमे में अमित की मौत नहीं होती। इसके बाद पिता राजेश कुमार मिश्र, लखनऊ में तैनात दरोगा भाई रजत मिश्र, केशव मिश्र, सुदेश आदि काफी संख्या में लोग पुलिस लाइन पहुंचे।
राजेपुर थाने के एसओ व दरोगा के खिलाफ कार्रवाई करने और आरोपियों के साथ एसओ व दरोगा पर भी प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की। काफी देर तक हंगामा होता रहा। सीओ अभय वर्मा, फतेहगढ़ कोतवाल विजय सिंह, 112 प्रभारी आमोद कुमार सिंह आदि ने परिजन से बात की। सीओ ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।
पिता ने एसओ व दरोगा के खिलाफ दी तहरीर
न्यायालय कर्मी के पिता राजेश मिश्रा ने दी तहरीर में कहा कि जांच कर्ता दरोगा को हमलावरों के नाम व नंबर दिए लेकिन पुलिस उल्टा दबाव बनाती रही। जब वह व पुत्र अमित थाने गए तो थानाध्यक्ष व दरोगा ने कहा कि आरोपी युवक उनके मिलने वाले हैं, इससे कोई कार्रवाई नहीं होगी। उन्हें व पुत्र को थाने से भगा दिया। सुबह पुत्र ने कहा कि वह रोज ड्यूटी आता-जाता है। पुलिस कार्रवाई न होने से हमलावर उसकी कभी भी हत्या कर देंगे। यह कहते हुए सीने में दर्द शुरू हो गया और पुत्र बेहोश होकर गिर पड़ा था। उन्होंने राजेपुर थानाध्यक्ष व दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने देर शाम शव का दो डॉक्टरों के पैनल से वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम कराया। सूत्रों के अनुसार न्यायालय कर्मी की हार्टअटैक से मौत होने की पुष्टि हुई।
सीओ अमृतपुर को सौंपी गई जांच
क्षेत्राधिकारी नगर अभय वर्मा ने बताया कि सीओ अमृतपुर को राजेपुर थानाध्यक्ष, दरोगा आशुतोष यादव व हमलावर के खिलाफ जांच सौंपी गई है। विभागीय प्रक्रिया के तहत जांच कर कार्रवाई की जाएगी।