फर्रुखाबाद। शहर के ठंडी सड़क पर एक अस्पताल के सामने रविवार को दम तोड़ने वाले युवक का शव सुरेश का निकला। वह सीने में दर्द होने पर घर से दवा लेने की बात कहकर निकले थे। पत्नी ने परिवार के साथ पहुंचकर शव की शिनाख्त की।
रविवार दोपहर करीब दो बजे ठंडी सड़क स्थित डॉ. एनएस चौहान के अस्पताल के बाहर एक मरीज ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने शिनाख्त न होने पर शव मोरचरी में रखवा दिया। सोमवार सुबह सूचना पर भोपतपट्टी निवासी रूबी ने उनकी शिनाख्त पति सुरेश बाथम (45) के रूप में की। पत्नी ने बताया कि उनके सीने में मामूली दर्द हो रहा था। वह दोपहर में घर से लोहिया अस्पताल से दवा लाने की बात कहकर निकले थे। मगर देर शाम तक घर नहीं लौटे।
सुबह कुछ लोगों ने अज्ञात व्यक्ति के मृत मिलने की बात कही, तो उन्हें शक हुआ। इसके बाद शिनाख्त पति के रूप में की। बताया कि वह मूल रूप से मऊदरवाजा के गांव ऊगरपुर कटरी निवासी हैं। वहां कुछ जमीन थी। वह गंगा में कट चुकी है। लिहाजा कई साल पहले छोटा सा प्लाट लेकर भोपतपट्टी में टिनशेड डलवाकर मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने लगे। उनके तीन बच्चों में पुत्र रचित, पुत्री गुंजन व सोनम हैं। पत्नी ने बताया कि पति काफी छोटे थे, तभी उनके माता-पिता की मौत हो गई थी। उनका पालन पोषण नाना-नानी ने किया।
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