कोतवाली क्षेत्र के बनपोई गांव में बीए की छात्रा का शव संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला। पुलिस को सूचना दिए बिना परिजन अंतिम संस्कार करने जा रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अंतिम संस्कार रुकवा कर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
कोतवाली क्षेत्र के सकवाई गांव के मजरा बनपोई निवासी ताहर सिंह की बेटी सरिता यादव (19) बीए की छात्रा थी। उसका बड़ा भाई अनुराग दिल्ली में नौकरी करता है। कुछ दिन पहले वह सड़क हादसे में घायल हो गया था। इसलिए उसके पिता ताहर सिंह, मां नन्हीं देवी व अनुराग की पत्नी अनुपम 13 मई को दिल्ली चले गए थे। घर में सरिता उसका बड़ा भाई मुरारी, छोटी बहन बेबी व सबसे छोटा भाई अमन था। बेबी ने बताया कि उसने इसी साल 12वीं की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की है।
इसलिए गुरुवार शाम को हम लोग घर में पार्टी कर रहे थे। करीब 11 बजे मुरारी छत पर सो गया। अमन व बेबी बाहर बरामदे में सो गए। वहीं सरिता कूलर चला कर अंदर कमरे में सो गई। करीब 12 बजे अमन की आंख खुली तो पूरे घर की लाइट बंद थी। उसने सरिता से पूछा लाइट क्यों बंद कर दी, इस पर उसने कहा कि तुम्हें पढ़ना है तो जला लो नहीं तो बंद रहने दो।
इसके बाद वह सो गया। सुबह सात बजे तक सरिता कमरे से बाहर नहीं निकली। स्कूल जाने के समय अमन ने कमरे का दरवाजा खटखटाया तो वह नहीं खुला। इसके बाद खिड़की से देखा तो सरिता का शव छत के कुंडे से दुपट्टे से लटक रहा था। अमन ने परिजनों को मामले की जानकारी दी। मुरारी ने ग्राम प्रधान किरन देवी के पति सत्येंद्र को बुलवाया। इसके बाद ग्रामीणों के साथ शव को नीचे उतारा गया। मुरारी ने मामले की सूचना पिता ताहर सिंह को दी। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने को कहा।
इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव पांचाल घाट ले गए। तभी किसी ने पुलिस को मामले की सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस शव को कोतवाली ले गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।