फर्रुखाबाद। नया सत्र शुरू हुए 41 दिन बीत गए हैं। इसके बावजूद परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों के खातों में अभी तक ड्रेस, जूते-मोजे और बैग के 1200 रुपये अभी तक नहीं पहुंचे हैं। यह धनराशि सत्र शुरू होने से पहले या सत्र के शुरुआती दिन में भेजने का प्रावधान है। इससे बच्चे पहले दिन से नए ड्रेस, जूते-मोजे में नए बैग के साथ आ सकें।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के बच्चों के लिए सरकार उनके माता-पिता के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से 1200 रुपये भेजती है। यह धनराशि सत्र के पहले दिन ही भेजने का आदेश है। एक अप्रैल से सत्र शुरू हो चुका है। मई के भी 10 दिन बीत गए। लेकिन अब भी धनराशि छात्र-छात्राओं के माता-पिता के खाते में नहीं पहुंच सकी है। शिक्षकों की मानें तो सत्र शुरू होते ही जब बच्चे नए ड्रेस, जूते-मोजे व बैग लेकर स्कूल आते हैं, तो उनके मन में उत्साह रहता है। समय से पैसे नहीं भेजे जाने से इसका असर सत्र के शुरुआती दिनों से ही दिख रहा है। स्कूल ड्रेस नहीं होने से काफी बच्चे स्कूल आने में आनाकानी करते हैं। जिले के परिषदीय विद्यालयों में अभी नामांकन चल रहे हैं।
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इसके लिए मिलता है पैसा
डीबीटी के माध्यम से मिलने वाले 1200 रुपये दो सेट यूनिफार्म, जूता मोजा, बैग व स्टेशनरी खरीदने के लिए दिए जाते हैं। इनमें 1100 रुपये में दो सेट यूनिफार्म, एक स्वेटर, एक सेट जूता मोजा, एक बैग व 100 रुपये स्टेशनरी के होते हैं।