फर्रुखाबाद। माता-पिता अपनी बेटियों के सपनों को पूरा करने के लिए भरसक प्रयास करते हैं, लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आकर बेटियां गलत कदम उठा लेती हैं। इस पर बेटियों को बेहद ध्यान देने की जरूरत है। बेटियां गलत लोगों से दूर रहें।
अमर उजाला की ओर से रखा बालिका इंटर कॉलेज में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आए एंटी ह्यूमन ट्रैफेकिंग यूनिट प्रभारी हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने छात्राओं को समझाते हुए कही। उन्होंने उत्पीड़न न सहने के लिए भी प्रेरित किया।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले महिला आरक्षी वैशाली ने छात्राओं को साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930, पुलिस आपात काल नंबर 112, वूमेन पावर हेल्प लाइन नंबर 1090 और चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में जानकारी देते हुए इनके उपयोगों के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि बाल संरक्षण अधिकारी सचिन सिंह ने छात्राओं को बाल विवाह के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अगर कहीं बाल विवाह हो रहा है तो चाइल्ड हेल्प लाइन नंबर पर सूचना दें। शिकायत करने वाले का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि मां-बाप बेटियों का भविष्य बनाने के लिए हर प्रयास करते हैं। इसके बावजूद बेटियां दूसरों के बहकावे में आकर चली जाती हैं और फिर उनका वही लोग उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने गुड व बैड टच के बारे में भी बताया। मुख्य अतिथि हरिओम प्रकाश त्रिपाठी ने कहा कि महिलाएं व युवतियां अत्याचार व उत्पीड़न न सहें। घटनाओं का विरोध करें। बेटियां गलत लोगों से दूरी बनाएं।
प्रधानाचार्य नीतू सिंह ने आए अतिथियों के साथ ही इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अमर उजाला को धन्यवाद दिया। इस अवसर पर चाइल्ड हेल्पलाइन काउंसलर ज्योति शर्मा, सुपरवाइजर रुचि दीक्षित के अलावा प्रीती मसीह, वीना एडवर्ड, नीतिका सनी, नेहा मिश्रा, ममता पॉल, आकांक्षा, भावना व रचना आदि शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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बेटियों के बोल
पुलिस अंकल की बातों का रखूंगी ध्यान
छात्रा मुस्कान का कहना था कि आज जो कुछ भी पुलिस अंकल व दीदी ने बताया, उसका वह पूरा ध्यान रखूंगी। ऐसे कार्यक्रमों से हमें सीख मिलती है।
हेल्पलाइन नंबर हैं काम के
छात्रा प्रांशी श्रीवास्तव बोलीं कि आज जिन हेल्पलाइन नंबरों की उन्हें जानकारी दी गई है। वह बहुत ही काम के हैं। यह संकट के समय में बहुत काम आएंगे।
होते रहने चाहिए ऐसे कार्यक्रम
छात्रा अंजली रक्षराम ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम आयोजित होते रहने चाहिए। इससे हम लोग जागरूक होते हैं और जागरूकता बेहद जरूरी है।
मैं अमर उजाला को देना चाहूंगी धन्यवाद
छात्रा श्वेता भारती कहती हैं कि आज के दौर में जागरूकता बहुत ही जरूरी है। मैं ‘अमर उजाला’, बाल संरक्षण अधिकारी व एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट प्रभारी को धन्यवाद दूंगी, जिन्होंने हम लोगों को समय दिया।