फर्रुखाबाद। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत चल रहा दस्तक अभियान निगरानी न होने से अनुपयोगी हो रहा है। शासन से की समीक्षा में अभियान की पोल खुल गई। इस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई। सीएमओ ने सभी सीएचसी प्रभारियों को चेतावनी दी है।
शासन के निर्देश पर 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलेगा। इसके तहत इन दिनों दस्तक अभियान चल रहा है। माइक्रोप्लान के अनुसार आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को प्रति दिन कम से कम 25 घरों का भ्रमण कर दिमागी बुखार, वेक्टर जनित बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करना है। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी नहीं की जा रही है।
सीएम डॉ.अवनींद्र कुमार ने मंगलवार को सिविल अस्पताल लिंजीगंज के अधीक्षक, सीएचसी कमालगंज, मोहम्मदाबाद, शमसाबाद, नवाबगंज, कायमगंज, राजेपुर व बरौन सीएचसी प्रभारी को पत्र जारी किया। इसमें कहा कि शासन से की समीक्षा में प्रमुख सचिव ने अभियान की कम निगरानी पर नाराजगी जताई। उन्होंने शासन से जारी सीएस-पीआरओ एप्लीकेशन के माध्यम से निगरानी करने के आदेश दिए हैं। इससे सभी सीएचसी प्रभारी, बीपीएम व बीसीपीएम कम से कम 10 प्रतिशत आशाओं के कार्यों का सत्यापन एप्लीकेशन के माध्यम से करें। इसमें लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विदित है कि शहर के मोहल्ला नरकसा, नेकपुर चौरासी गेस्टहाउस वाली गली सहित कई स्थानों पर जलभराव व मच्छरों का प्रकोप है। वहां न तो सफाई कराई जा रही है और न ही दवा का छिड़काव। इससे कागजों पर ही अभियान चलता दिख रहा है।