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Farrukhabad News: धान व बरसाती मक्का में नुकसान, किसान बर्बादी की राह पर

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फर्रुखाबाद/कमालगंज। आलू ने मंदी से किसानों को पहले ही बेदम कर दिया था। अब कुदरत की मार धान व बरसाती मक्का पर आफत बनकर टूटी है। तीन दिन से पानी बरसने से धान व मक्का की फसल उगाने वाले किसान बर्बादी की कगार पर हैं। धान और मक्का जमीन पर बिछ गए तो कहीं खेत में पानी भर गया है। इससे पैदावार में भारी गिरावट के आसार हैं।
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इस समय बरसाती मक्का तैयार है। भुंटा या तो पक गया या पकने को है। इसी तरह धान की फसल भी तैयार होने को है। लेकिन बारिश ने अन्नदाताओं की उम्मीदें छीन ली। ताजपुर में किसान चंद्रप्रकाश की 30 बीघा धान की फसल बर्बाद हो गई। ग्राम प्रधान विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि धान सूख गया था। लेकिन कटाई से पहले ही बारिश ने अरमानों को आंसुओं में बदल दिया। डेढ़ लाख लागत का धान गिरकर पानी में डूब गया।
ताजपुर के ही किसान कुमदेश वर्मा की आठ बीघा मक्का तैयार था। अब भुंटा सहित पूरा मक्का जमीन पर बिछ गया है। दरौरा क्षेत्र के बिंजी निवासी किसान मनोज यादव ने बताया कि छोटे से गांव में दस किसानों ने धान की फसल की थी, सभी खेतों में पानी भरा है, फसल गिर गई है। अब धान तैयार हो पाना मुश्किल है।
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ककरैया के उन्नतिशील किसान व बीज उत्पादक शरद कुमार ने कहा कि 40 साल में उन्होंने इतनी बारिश और फसलों की बर्बादी नहीं देखी। रजीपुर, खुदागंज, जहानगंज, ताजपुर, दरियावगंज, याकूतगंज क्षेत्र में भी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
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कटी धान की फसल पानी में डूबी
फोटो-16, गांव करनपुर दत्त में खेत में कटी पड़ी धान की फसल को देखता किसान । संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। दो दिन से हो रही लगातार बारिश से तहसील क्षेत्र में धान, उड़द, मूंग, तिल और बाजरा की फसलों को नुकसान हुआ है। सबसे अधिक नुकसान कटी पड़ी धान की फसल में हुआ है। करनपुर दत्त निवासी संजय प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी 15 बीघा धान की कटी फसल पानी में डूब गई। इससे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मुजहा, हरसिंहपुर गहलवार, अमृतपुर, नयागांव, पिथनापुर, रतनपुर परमान और गूजरपुर पमारान में भी फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों ने बताया कि तेज हवा से खड़ी धान की फसल जमीन पर बिछ गई। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि लेखपालों को फसलों के नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट फीड करने के निर्देश दिए गए हैं।
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