समाजवादी पार्टी महिला सभा की समीक्षा बैठक शुरू होने से पहले वर्तमान और
पूर्व जिलाध्यक्ष के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
बैठक में भाग लेने आईं राज्य महिला आयोग की सदस्य के सामने भी दोनों पक्षों
ने एक-दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगा दी। मामला ठंडा भी नहीं हो पाया था कि
सपा पिछड़ा वर्ग के पूर्व अध्यक्ष ने बैठक समाप्त होने की बात कहते हुए उसे
और तूल दे दिया। इस पर फिर से विवाद छिड़ गया। मामला बढ़ता देख राज्य
महिला
आयोग सदस्य ने पूर्व अध्यक्ष को कार्यालय से बाहर निकाल दिया। बाद
में सपा नेताआें ने दीवार पर लिखे महिला सभा जिलाध्यक्ष सुलक्षणा सिंह के
नाम और पद को पुतवा दिया। बुधवार को आवास-विकास स्थित पार्टी कार्यालय
पर महिला सभा की समीक्षा बैठक में राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता
को आना था। बैठक से पहले महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुलक्षणा सिंह ने गेट के
बाहर अपना नाम व पद लिखवा दिया। पूर्व जिलाध्यक्ष सुषमा जाटव, वीना शर्मा
और
युसुफ अफरोज ने यह कहते हुए इसका विरोध किया कि वह जिलाध्यक्ष नहीं
हैं। इस पर सुलक्षणा सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष का पत्र दिखाते हुए कहा कि
जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी उन्हीं को दी गई है। इसके बाद भी पूर्व अध्यक्ष
ने नाम लिखाने का विरोध किया और कहा कि प्रदेश नेतृत्व से कोई लिखित आदेश न
आने से वह नाम नहीं लिखवा सकतीं। इस पर दोनों के समर्थकों में तीखी झड़प
होने लगी। बात हाथापाई तक पहुंच गई। इसी बीच राज्य महिला आयोग की सदस्य
गीता गुप्ता भी
आ गईं। जिलाध्यक्ष और पूर्व जिलाध्यक्ष ने अपनी-अपनी बात
रखी। गीता गुप्ता ने बताया कि संगठन की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह के कहने
पर उन्होंने ही जिलाध्यक्ष को अपना नाम कार्यालय के बाहर लिखवाने को कहा
था। उन्होंने जिला प्रवक्ता मंदीप यादव से घटना की जानकारी ली। मंदीप सिंह
ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का पत्र न आने तक महिला सभा की जिलाध्यक्ष का नाम
नहीं लिखा जा सकता है। इस पर गीता गुप्ता ने बताया कि आठ दिन में पत्र आ
जाएगा। इस दौरान
पूर्व जिलाध्यक्ष ने आयोग की सदस्य को शिकायती पत्र दिया।
महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
मामला शांत हो पाया था कि पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष ओमप्रकाश
शर्मा ने बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी। इस पर फिर से मामला भड़क गया। इससे
गुस्साईं आयोग की सदस्य ने ओमप्रकाश शर्मा को फटकारते हुए
कार्यालय से बाहर
कर दिया। उन्होंने मंदीप सिंह को भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि इसकी
रिपोर्ट वह प्रदेश नेतृत्व को सौंपेंगी। इसके बाद ही बैठक शुरू हो सकी।
जानकी यादव को बनाया गया नगर अध्यक्ष
बैठक में न आने वालों की रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को दी जाएगी
समाजवादी पार्टी महिला सभा की समीक्षा बैठक में भाग लेने आईं राज्य महिला
आयोग की सदस्य ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से कहा कि पार्टी को मजबूती
प्रदान करने में जुटें। आपसी मतभेद से कुछ नहीं होगा। इस दौरान उन्होंने
जानकी यादव को नगर अध्यक्ष घोषित किया। आवास-विकास स्थित पार्टी
कार्यालय पर बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में आईं मुख्य अतिथि राज्य
महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता का महिला सभा की जिलाध्यक्ष सुलक्षणा सिंह
ने
माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान आयोग की सदस्य ने कहा कि सम्मान
देने से ही सम्मान मिलता है। इसलिए सभी लोग एक-दूसरे को सम्मान दें।
उन्होंने कहा कि बैठक में पदाधिकारी अवश्य भाग लें। जो पदाधिकारी बैठक में
नहीं आएगा उसकी रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व को भेजी जाएगी। उन्होंने पार्टी की
मजबूती पर बल दिया। साथ ही कहा कि
अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त
नहीं की जाएगी। इस अवसर पर महासचिव उपासना, जिला उपाध्यक्ष नीलम सिंह, मधु
कुशवाह, ज्योति देवी, रानी देवी, संजू पाल, संगीता, मिथलेश, मुन्नी देवी,
श्यामा गुप्ता, सुमन सिंह, हुस्नबानो, सरोज, रामकुमारी, गीता देवी और रेखा
सिंह आदि मौजूद रहीं।
‘दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज न हो तो करें शिकायत’
दुष्कर्म के मामलों में अगर पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है तो पीड़ित
सीधे राज्य महिला आयोग को जानकारी दे सकती हैं। आयोग पीड़ित को न्याय
दिलवाएगा। यह बात राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता गुप्ता ने पत्रकारों से
रूबरू होते हुए कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं का उत्पीड़न बंद करने के लिए
महिला आयोग उनके साथ है। पीड़ित महिलाएं आयोग से कोई भी शिकायत कर सकती
हैं। बैठक से पूर्व हुए हंगामे के बारे में कहा कि इसकी जानकारी प्रदेश
नेतृत्व को भेजी
जाएगी। दोषी लोगों के खिलाफ हर कीमत पर कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि महिला सभा की प्रदेश अध्यक्ष गीता सिंह ने उन्हें कन्नौज
और फर्रुखाबाद का प्रभारी बनाया है। दोनों जिलों में जाकर संगठन की समीक्षा
कर रही हैं। इसकी रिपोर्ट वह प्रदेश नेतृत्व को भेजेंगी। उन्होंने कहा कि
जिला कमेटी की बैठक में दो महिला पदाधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है।
राज्य महिला आयोग में कितने मामले दर्ज हैं। इस पर कहा कि गिनती तो नहीं
मालूम लेकिन लाखों फाइलें पड़ी हैं।