कायमगंज। चीनी मिल में पेराई सत्र का अंतिम दौर चल रहा है। मिल ने किसानों से 41 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा। इसके सापेक्ष अभी तक खरीदे गए गन्ने का 26 करोड़ रुपया ही भुगतान किया गया। अभी भी 15 करोड़ रुपये भुगतान के लिए बकाया है।
चीनी मिल में नए पेराई सत्र का शुभारंभ 29 नवंबर को हुआ था। कुल 105 दिन चली चीनी मिल ने अब तक 11.20 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। इससे एक लाख 11655 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। मिल ने क्षेत्र के किसानों से 41 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा। पांच फरवरी तक किसानों से खरीदे गए गन्ना मूल्य का मिल ने 26 करोड़ का भुगतान कर दिया है। 15 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी बकाया है।
गन्ना क्रय अधिनियम के अनुसार मिल में गन्ना सप्लाई करने के 14 में गन्ना मूल्य भुगतान हो जाना चाहिए। इस अवधि में भुगतान नहीं होने पर बकाया गन्ना मूल्य पर 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देने का प्रावधान भी है, लेकिन किसानों को न तो समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान हो पा रहा है और न ही बकाया मूल्य पर ब्याज मिल पा रहा है।
बोले जिम्मेदार
जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि 14 दिन में ही भुगतान किया जा रहा है। एक दो दिन में पांच करोड़ का भुगतान किसानों के खाते में और पहुंच जाएगा। पेराई सत्र अंतिम दौर में है। गन्ने की आवक घटी है। मार्च तक पेराई होने की उम्मीद है। बंदी से पहले किसानों के गन्ना मूल्य का पूरा भुगतान कराने का प्रयास रहेगा।
फोटो-02, डिस्टिलरी में जनरेटर की मरम्मत करते तकनीकी लोग। संवाद
जनरेटर की मरम्मत के बाद चालू हुई डिस्टिलरी
संवाद न्यूज एजेंसी
कायमगंज। चीनी मिल को घाटे से उभारने के लिए लगी डिस्टिलरी बजट के अभाव में इस साल देरी से चल सकी। पिछले वर्ष 15 जनवरी को डिस्टिलरी चालू हो गई थी। आरएस यानी रेक्टिफाइड स्प्रिट बनना शुरू हो गया था। इस वर्ष हाल में ही इसे चलाने के लिए मिल संघ से बजट प्राप्त हुआ। सोमवार सुबह आठ बजे इसका शुभारंभ किया गया। 32 घंटे प्लांट चलने के बाद मंगलवार को इसका 750 केवीए का जनरेटर खराब हो गया। इससे प्लांट बंद हो गया था। मिल प्रशासन ने नोएडा डीजल पॉवर कंपनी गाजियाबाद को सूचना दी। इस पर कंपनी के इंजीनियर मनोज कुमार टीम के साथ बुधवार को यहां पहुंचे। उनकी टीम ने जनरेटर की मरम्मत शुरू की। बुधवार शाम तक जनरेटर की मरम्मत हो गई। इसके बाद प्लांट चालू हो गया।
जीएम कुलदीप सिंह ने बताया कि शुरुआत में मशीनरी में खराबी हो जाती है। छोटी-मोटी कमियां दुरुस्त कर लगातार प्लांट चलाकर आरएस व एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा। फिलहाल जेनरेटर की मरम्मत हो गई है और प्लांट चल रहा है। (संवाद)