संसद की रखवाली कर रहे सीआरपीएफ के जवान को शांतिभंग की आशंका में चालानी रिपोर्ट भेजने पर शमसाबाद के दरोगा फंस गए हैं। मामले को बढ़ता देखकर दरोगा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए इस सिपाही का नाम सूची से हटाने की गुजारिश की है।
एसडीएम ने दरोगा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण काल कर उच्च अधिकारियों को अवगत कराने की जानकारी दी है।
शमसाबाद थाने के दरोगा शिवकुमार त्रिवेदी ने दलवीर खां के रहने वाले अनिल कुमार पुत्र राजाराम पाल के पुत्र को आगामी विधान सभा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने की आशंका में एसडीएम कायमगंज के यहां चालानी रिपोर्ट भेज दी।
एसडीएम न्यायालय से अनिल कुमार के विरुद्ध समन जारी हो गया। जब इस समन को तामील कराने के लिए शमसाबाद पुलिस अनिल कुमार घर पहुंची तो पता चला कि अनिल कुमार वर्ष 2014 में सीआरपीएफ में लखनऊ में भर्ती हुआ था।
ट्रेनिंग करने के बाद संसद भवन दिल्ली में सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया गया। दरोगा शिवकुमार त्रिवेदी से जब इस संबंध में जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि गलती से सिपाही का नाम चालानी रिपोर्ट में चला गया है उसे हटाने के लिए एसडीएम कायमगंज को पत्र भेजा है।
एसडीएम अजीत सिंह से जब इस संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि दरोगा ने यह बड़ी चूक की है। इस संबंध में दरोगा का स्पष्टीकरण काल किया जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के आला अधिकारियों को इस संबंध में लिखा जाएगा।
वहीं दूसरी तरफ पेशे से शिक्षक अनिल कुमार के पिता राजाराम पाल का कहना है कि उन्हें पुलिस की इस कार्रवाई से करारा झटका लगा है। उनका बेटा संसद की सुरक्षा में लगा है और उसे अपराधी बताकर पुलिस मनमानी कर रही है।