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बाघ ने उड़ाई किसानों व वन अधिकारियों की नींद

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खेतों में बाघ के पंजों के निशान खोजते टीम के सदस्य। - फोटो : FARRUKHABAD
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फसल तैयार, गन्ना किसान लाचार
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अमृतपुर क्षेत्र में कई दिनों से बाघ का आतंक होने से गन्ना किसान खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। खेतों में फसल तैयार खड़ी है लेकिन डर के कारण काटने नहीं जा पा रहे हैं। जो किसान जा भी रहे हैं वे लाइसेंसी हथियार लेकर गन्ना काटने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ साहसी किसान कुल्हाड़ी व फरसा लेकर खेतों पर जाकर गन्ना काट रहे हैं। किसानों को चीनी मिल से पर्ची न मिलने से भी गन्ना की कटाई तेजी से नहीं हो पा रही है। बड़ी संख्या में किसान गन्ना नहीं काट पा रहे हैं।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव उदयपुर कंचनपुर में एक पखवाड़े से अधिक समय से बाघ घूम रहा है। विशेषज्ञों की तीन टीमें डेरा डाले हैं। वे बाघ को पकड़ने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहीं हैं। पर सफलता हाथ नही लग रही है। उधर, गन्ना किसानों की नींद हराम है। वन विभाग के अधिकारियों ने जिलाधिकारी से गन्ना जल्दी कटवाए जाने के लिए बात की थी लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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रूपापुर चीनी मिल के अधिकारियों ने भी तेजी से गन्ना कटवाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किया है। कुछ किसान तो हथियार लेकर गन्ना काटने में जुटे हैं लेकिन अधिकांश तो खेतों में जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। यही हाल रहा तो गन्ना न मिलने से कुछ दिन में चीनी मिल में पेराई का काम बंद हो सकता है।
कटरी में सात किलोमीटर दूर तक कांबिंग
बाघ की तलाश में बुधवार को डॉ. आरके सिंह, डॉ. सर्वेश राय व डॉ. दयाशंकर ने टीमों के साथ कटरी क्षेत्र में सात किलोमीटर दूर तक कांबिंग की। कहीं पर बाघ के पंजे के निशान नहीं मिले हैं। न ही मंगलवार रात को किसी नाइट विजन कैमरे में तस्वीर कैद हुई है। टीम के सदस्यों ने क्षेत्र के किसानों से बाघ के बारे में जानकारी एकत्र करने का प्रयास किया। डॉ. आरके सिंह ने बताया कि बाघ को तलाश किया जा रहा है। दो दिन से वह ज्यादा मूवमेंट नहीं कर रहा है।
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‘बाघ को पकड़ने के लिए गन्ना बाधा बना है। गन्ना कटवाने के लिए किसानों की सूची बनवाई है। रूपापुर चीनी मिल के अधिकारियों का कोई सहयोग नहीं मिला है। जिलाधिकारी के माध्यम से चीनी मिल के जीएम को पत्र भिजवाएंगे।’ -पीके उपाध्याय, डीएफओ फर्रुखाबाद
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