व्यवस्था में खोट व विभागीय लापरवाही ने एक युवक की जिंदगी छीन ली। युवक की सालभर पहले शादी हुई थी। रविवार रात वह खेत में पानी लगाने गया था। युवक खेतों के ऊपर से होकर निकले हाईटेंशन लाइन के झूलते तार की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना के बाद भी विभागीय अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव दनियापुर हीरामन निवासी दीपेंद्र लोधी (22) खेतीबाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवारीजनों ने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे दीपेंद्र गेहूं की फसल में पानी लगाने गया था। बताते हैं कि खेतों के ऊपर से निकले हाईटेंशन लाइन के तार काफी नीचे तक झूलते हैं। इस दौरान दीपेंद्र का सिर झूलते तारों से छू गया, करंट लगने से वह झुलस कर खेत में गिर गया। देर रात तक घर न पहुंचने पर दीपेंद्र का बड़ा भाई रवि खेत पर गया। नलकूप के पास दीपेंद्र पड़ा मिला। आनन-फनन परिजन उसे लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवारीजन रात में हीं शव को घर ले गए। घटना की जानकारी मिलने पर थानाध्यक्ष नवाबगंज रजनेश चौहान गांव पहुंचे और परिवारीजनों से पूछताछ की। नायब तहसीलदार चूड़ामणि ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना से दीपेंद्र की मां गोदावरी और पत्नी आरती का रो-रो कर बुरा हाल है। भाई रवि ने बताया कि दीपेंद्र की सालभर पहले आरती से शादी हुई थी। आरती गर्भवती है। पति की मौत की सूचना मिलते ही आरती गश खाकर गिर पड़ी। परिजनों व रिश्तेदारों ने उसे किसी तरह समझाबुझा कर ढांढस बंधाया। आरती बस यही कहती रही कि बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया।