फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश अब्दुल मोबीन ने दुष्कर्म के मुकदमे में दो आरोपियों को दस साल कैद की सजा सुनाई। 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया। जुर्माना अदा न करने पर दस माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
जहानगंज थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती 22 जून 2014 को अपनी ससुराल उन्नाव से मायके दवा लेने आ रही थी। रेलवे स्टेशन फर्रुखाबाद उतरने पर वह जहानगंज अपने घर जाने के लिए टेंपो का इंतजार कर रही थी। तभी एक टेंपो चालक आया और उसने जहानगंज चलने की बात कही। युवती टेंपो में बैठ गई। टेंपो में सवार दो युवक उसका अपहरण कर ले गए।
29 जून 2014 को युवती पांचालघाट पर परिजनों को मिली। मां ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद मोहम्मदाबाद के मदनपुर निवासी रामप्रकाश और कमालगंज के नगला मनू निवासी रतीराम के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिशुपाल सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को दोषी पाकर दस-दस साल कैद की सजा और जुर्माना किया।
गैंगस्टर में दो साल की सजा
विशेष अदालत गैंगस्टर के न्यायाधीश आलोक पांडेय ने गैंगस्टर के मुकदमे के आरोपी को दो साल कैद की सजा सुनाई है। पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया है।
कायमगंज के गांव दमदमा निवासी नौसाद के खिलाफ कोतवाल जितेन्द्र सिंह परिहार ने 13 अप्रैल 2007 को गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचक ने जांच पड़ताल कर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्या ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।