कच्छा-बनियान गिरोह ने बुधवार रात एक मंदिर के आश्रम में धावा बोलकर तीन साधुओं को लाठियों से पीटकर लहूलुहान कर नगदी-जेवर लूट लिए। बदमाशों ने एक शिष्या को खेतों की ओर ले जाकर दुष्कर्म का प्रयास किया। इस बीच शोरगुल की आवाज पर दौड़े ग्रामीणों को आता देख शिष्या को छोड़कर भाग गए। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट चोरी में दर्ज की है।
थाना क्षेत्र के गांव चुरसई निवासी साधु कलक्टरदास (80) का मुख्यमार्ग पर हनुमान जी का मंदिर है। मंदिर परिसर में ही कमरे बने हैं, जिनमें अन्य साधु रहते हैं। बुधवार रात कलक्टरदास व दो अन्य साधु बालकदास और हृदयराम उर्फ हृदेयानंद मंदिर की छत पर सो रहे थे। रात करीब एक बजे कच्छा बनियान गिरोह के बदमाशों ने छत पर पहुंचकर तीनों को दबोच लिया। उन्हें लाठियों से पीटा और कमरे में रखा बक्सा खुलवाकर जेवर-नगदी लूट ली।
बदमाशों ने कुछ दूरी पर सो रही 30 वर्षीय शिष्या को पकड़ लिया और उसे कुछ दूर गांव कंथला स्थित लालसहाय के खेत में ले गए। यहां उससे दुराचार का प्रयास किया। शिष्या के शोर मचाने पर आसपास खेतों में पानी लगा रहे ग्रामीण दौड़ पड़े तो बदमाश भाग निकले। कंथला निवासी दिवारीलाल ने शिष्या को संभाला। इस दौरान आए पूर्व प्रधान अरविंद राजपूत की सूचना पर आए एसओ प्रदीप यादव ने आला अधिकारियों को घटना बताई।
एसपी राजेशकृष्ण और एएसपी रामभवन चौरसिया ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की और घायल साधुओं व शिष्या को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर हृदयराम को कानपुर के हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया। लूटे गए जेवर शिष्या के थे। लूटा गया माल कितने का था, इस बारे में साधु भी पूरी जानकारी नहीं दे सके। कलक्टरदास की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।