कायमगंज। तीस बीघा जमीन, खुद का ट्रैक्टर और पक्का मकान होने के बावजूद
जल्द रईस बनने के लालच में दोस्त का ही अपहरण कर लिया। इस जुर्म में बेटों
की मदद करने वाली मां को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लालच में
अपराध में फंसे तीन बेटों, पत्नी और बहू को आरोपी बनाए जाने के बाद बूढे़
लाचार गृहस्वामी को रोटी खिलाने और बच्चों की देखभाल के लिए घर में एक बहू
ही बची है।
दोस्त सलमान का अपहरण कर उसे गंगा की कटरी में रखने के जुर्म
में पुलिस ने कुंअरपाल और उसके भाई प्रेमपाल के अलावा तीन अन्य को हिरासत
में लिया था। पुलिस ने कुंअरपाल के बड़े भाई रामकिशोर को दो अन्य साथियों
के साथ भागा दिखाया था। कुंअरपाल की मां मालती देवी उर्फ मलोधा और रामकिशोर
की पत्नी संतोषी को अपहरणकर्ताओं को खाना पहुुंचाने में शामिल पाया गया
था।
इसमें मंगलवार को पुलिस ने मालती देवी को हिरासत में लेकर जेल भेज
दिया। जल्द रईस बनने की लालच में प्रेमपाल ने पूरे परिवार को अपराधी बना
दिया। सियाराम के पास तराई में तीस बीघा खेती है। इसमें वह साल में लाखाें
रुपये की तंबाकू पैदा करता है। इसमें धान और गेहूं भी पैदा होता है। घर
में ट्रैक्टर है। प्रेमपाल बालू खनन कर मोटी कमाई करता था।
चार साल पहले
बाढ़ में गांव कटने के बाद मूसेपुर में आकर बसे सियाराम के बेटों ने पक्का
मकान भी बनवा लिया है। बच्चों के पास दो बाइकें भी हैं। इसके बाद भी
परिवार की पैसे की भूख खत्म नहीं हुई। इसके चलते ही प्रेमपाल ने सलमान का
अपहरण कर पूरे परिवार को इसमें शामिल कर लिया।
सियाराम के दो बेटों और पत्न
के जेल जाने के बाद बड़ा बेटा रामकिशोर और बहू संतोषी भागे-भागे फिर रहे
हैं। इस समय सियाराम घर में प्रेमपाल की बहू और रामकिशोर के बच्चों के साथ
अकेले हैं। वह बेटों और पत्नी की करनी पर आंसू बहा रहे हैं।