तीन दिन पूर्व लापता कक्षा एक के छात्र की हत्या कर दी गई। शव अमरूद के बाग में फेंक दिया गया। पुलिस और परिवारीजन मौके पर पहुंचे। जंगली जानवरों ने शव को क्षतविक्षत कर दिया था। परिजनों ने कपड़ों से पुत्र की शिनाख्त की। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी पिंटू का सात वर्षीय पुत्र साजन कन्या प्राइमरी विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ता था। साजन 23 फरवरी को दोपहर घर से सब्जी लेने के लिए निकला था। साथ में गांव के ही दो किशोर भी थे। शाम तक साजन के घर न पहुंचने पर परिजनों ने किशोरों के घर जाकर जानकारी की। किशोरों ने बताया कि सब्जी लेने के समय वे साजन को छोड़कर अलग निकल गए थे। इसके बाद उसका कोई पता नहीं चला। दूसरे दिन पिता पिंटू ने बेटे के लापता होने की तहरीर देकर खोजबीन में जुट गए। उधर, सोमवार सुबह तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर परिजनों ने थाने गेट पर हंगामा किया। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गोपाल वर्मा के अमरूद के बाग में शव पड़ा है। आनन-फानन पुलिस मौके पर पहुंची और लापता बालक के परिजनों को सूचना दी। बालक के पिता और परिवार के अन्य लोग बाग में पहुंचे। परिजनों ने शव साजन के होने की शिनाख्त की। शव के पास ही साजन की चप्पल और हरे रंग की लोअर पड़ी थी। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह की सूचना पर एएसपी त्रिभुवन सिंह, सीओ शकील अहमद, तहसीलदार भूपेंद्र सिंह, स्वॉट प्रभारी संजय राय, डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर आ गई। पुलिस ने घटना की जानकारी करने के साथ ही आसपास के लोगों से पूछताछ की। डॉग स्वाक्वाड से भी कोई हल नहीं निकला। शव के पैरों पर कुछ मांस लगा हुआ था। इसके अलावा पूरे शरीर में मांस नहीं था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कमालगंज। थाना क्षेत्र के मोहल्ला लोहिया नगर निवासी पिंटू ने प्रेमपुर गेस्ट हाउस के निकट स्थित विनय एजेंसी पर सीसीटीवी लगा हुआ है। इसकी जानकारी होने पर पिंटू ने दुकान पर जाकर सीसीटीवी के फुटेज देखें। इस दौरान साजन के साथ एक लड़का जा रहा है। साजन हाथ में काली मोमिया पकड़े हुए था। यह देखकर पिंटू ने रविवार सुबह पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद भी पुलिस के कानों में जू नहीं रेगी। हालांकि पुलिस के रिकार्ड के अनुसार रविवार की रात 8.24 बजे पिंटू की दी गई तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
कमालगंज। बालक की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पिता दो दिनों तक थाने के चक्कर लगाता रहा। रविवार की रात पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई। इस घटना में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पुत्र की खोज करने में लापरवाही बरती है।
मोहल्ला लोहिया नगर निवासी पिंटू ने आरोप लगाया कि बेटे के गायब होने के बाद दूसरे दिन सुबह वह थाने गया। वहां पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने यह कह कर टरका दिया कि वह बच्चे की खोजबीन करें। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी दर्ज नहीं की। दो दिनों से वह लगातार पुत्र की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिएल थाने के चक्कर लगाता रहा, पुलिस पुत्र की खोज का सचेत नहीं हुई। पुलिस की लापरवाही के चलते यह घटना हो गई। मालूम हो कि निठारी कांड के बाद हाईकोर्ट ने बच्चों के गायब होनेे के मामलो को गंभीरता से लेकर आदेश जारी किया था। इसमें बालक के गुम होने की तहरीर आने पर तत्काल गुमशुदगी दर्ज करने और 24 घंटे में बच्चे के न मिलने पर 364 में मुकदमा तरमीम करने का आदेश दिया था। पुलिस बच्चे का अपहरण हुआ मानकर विवेचना करे। हाईकोर्ट के आदेश को भी पुलिस ने बच्चे के गुम होने पर संज्ञान में नहीं लिया। हालांकि एएसपी त्रिभुवन सिंह ने बताया कि रविवार को पिता ने थाना पुलिस को तहरीर दी। तहरीर मिलने पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उन्होने पिता की बात को खारिज कर दिया।