जमीन की रंजिश में बेटों ने सौतेली मां को गोली मार कर घायल कर दिया।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके सेे फरार हो गए। मामले की सूचना पर
कोतवाल मौके पर पहुंचे। उन्हाेंने जांच पड़ताल की। अस्पताल में घायल
महिला के बयान दर्ज किए गए ।
मोहल्ला श्यामनगर निवासी गुंजन देवी की
शादी 15 साल की उम्र में जिला मैनपुरी के गांव चनीखेरा निवासी प्रदीप
गुप्ता के साथ हुई थी। इनके एक बेटा है। कुछ समय बाद प्रदीप की बीमारी से
मौत हो गई। मायके वाले गुंजन को घर ले आए। इसके बाद मोहम्मदाबाद निवासी
विधुर शिवकुमार गुप्ता के साथ बतौर पत्नी भेज दिया गया था। शिवकुमार कीपहली
पत्नी से तीन बेटे हिमांशु, विकास और पंकज हैं। कुछ दिन बाद गुंजन ने अपने
नाम जमीन खरीद ली और शिवकुमार ने भी कस्बे
की एक दुकान उसके नाम लिख दी।
यह बात उसके बेटों को नागवार गुजरी। ये रंजिश मानकर आए दिन गुंजन को परेशान
करने लगे। इस पर गुंजन अपन सगे बेटे के साथ रिश्तेदार राकेश गुप्ता निवासी
विजय नगर बाईपास दिल्ली के पास जाकर रहने लगी। बाद में राकेश के साथ गुंजन
ने कोर्ट मैरिज कर ली। तबसे वह राकेश के साथ रह रही है। भाई
प्रवेश के
बेटे के जन्मदिन में शामिल होने के लिए गुंजन 21 मई मायके आई थी। इसकी
जानकारी सौतेले बेटों को हो गई। रविवार को वह भतीजे की दवा लेने श्यामनगर
गुमटी के पास आई थी। लौटते समय हमलावरों ने जमीन की रंजिश में गुंजन को
गोली मार दी जो उसके सीने के पास लगी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी
रेलवे ट्रैक की ओर भाग
गए। गुंजन को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना की जानकारी होने पर कोतवाल आरपी यादव अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने घायल
के बयान दर्ज किए। गुंजन ने कोतवाल को बताया कि उसे सौतले बेटे हिमांशु और
विकास ने गोली मारी है।
स्वास्थ्यकर्मी और कोतवाल के बीच नोकझोंक
शहर
कोतवाल आरपी यादव ने अस्पताल स्टाफ से घायल गुंजन का एक्सरे कराने के लिए
कहा। इस पर स्टाफ ने रविवार होने से एक्सरे बंद रहने की जानकारी दी। यह
सुनकर कोतवाल का पारा चढ़ गया। इसको लेकर स्वास्थ्य कर्मी और कोतवाल के बीच
नोकझोंक हो गई।
एक सौतेला बेटा है जेल में
गुंजन का एक
सौतेला बेटा पंकज एक मामले में काफी समय से जेल में निरुद्ध चल रहा है।
उसकी जमानत को लेकर भी उसके भाई परेशान थे। जब पिता ने दुकान गुंजन के नाम
कर दी तो सौतेले बेटे ने मां की हत्या करने की योजना बना ली।