सपा नेता को गोली मार कर घायल कर दिया गया। इस मामले में चार लोगों के
खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। घायल का लोहिया अस्पताल में
उपचार कराया गया। फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला जाफरी निवासी सपा नेता उमेश
यादव शनिवार को अपनी कार से नीबकरोरी मंदिर से लौट रहे थे। कारे मोहल्ला
ग्वालटोली निवासी राजा खां चला रहा था।
आरोप है कि मोहम्मदाबाद के सकवाई
स्थित प्रतीक्षालय के पास बोलेरो पर सवार हमलावरों ने उनकी कार रोककर तमंचे
से फायर कर दिया। गोली लगते ही उमेश गाड़ी में गिर पड़े। हमलावर
मोहम्मदाबाद की ओर फरार हो गए। चालक उन्हें लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचा।
घटना की जानकारी होते ही चन्नू यादव, जग्गू यादव, रामप्रकाश यादव उर्फ
कल्लू, सुबोध यादव, डा. जितेंद्र यादव समेत काफी संख्या में सपाई अस्पताल
जा पहुंचे। परिजनों ने मेडिकल होने के
बाद आवास विकास कालोनी के ही
प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया। कोतवाली पहुंचकर सपाइयों ने एफआईआर
लिखवाने को तहरीर दी। इस पर पुलिस ने पत्रकार शरद कटियार, गौरव सक्सेना
उर्फ अंकुश, मोहल्ला जयनरायन वर्मा रोड निवासी पत्रकार उपेंद्र यादव और
घायल के चचेरे भाई राहुल यादव उर्फ बंगाली के खिलाफ जानलेवा हमले की
रिपोर्ट दर्ज की।
घायल की शर्ट सील
मोहम्मदाबाद कोतावाली
प्रभारी रामजीवन यादव ने अस्पताल पहुंच कर घायल उमेश यादव से बात की ।
इसके साथ ही उनकी शर्ट को सील कर दिया। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि
हमलावरों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार
किया जाएगा।
तगादा करने पर हो चुका विवाद
उमेश यादव का अपने चचेरे भाई राहुल उर्फ बंगाली से रुपयों को लेकर विवाद चल
रहा है। राहुल ने कुछ समय पहले रुपये उधार दिए थे। उन्हीं रुपयों को
लेकर कहासुनी हो चुकी है। राहुल जिला पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे हैं।
घायल उमेश यादव भी उसी क्षेत्र से चुनाव की तैयारी में हैं। इसको लेकर भी
विवाद बढ़ गया था। राहुल की मदद पत्रकार उपेंद्र यादव ने की। इसको लेकर
उमेश की उपेंद्र से भी कहासुनी हो चुकी है।
पत्रकारों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
जानलेवा हमले में आरोपी बनाए गए पत्रकार के पक्ष में कलमकार आ गए हैं।
पत्रकारों ने रविवार की दोपहर लालसराय स्थित कलमकार भवन में बैठक की। इसमें
जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठी। सपा नेता
उमेश यादव पर जानलेवा हमले में पत्रकार शरद कटियार समेत चार लोगों पर
रिपोर्ट दर्ज हुई है। रविवार को लालसराय स्थित कलमकार भवन में बैठक कर
वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि वह लोग कलम के सिपाही हैं। बुलेट में विश्वास
नहीं
रखते हैं। कहा कि रंजिश में पत्रकारों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया
है। इसमें पुलिस भी मिली हुई है। जल्द ही जिला जज, डीएम और एसपी से मिल कर
निष्पक्ष जांच बाहर जिले से कराए जाने की मांग करेंगे। शरद कटियार ने कहा
कि उन्हें व पत्रकाराें को साजिशन फंसाया जा रहा है। कहा कि साजिश रचने
वाले हत्या भी करा सकते हैं।