मेरापुर इलाके से 40 दिन पहले अपहृत ग्रामीण का शव खेत में दबा मिला। अवैध
संबंधों में उसकी हत्या कर दी गई थी। सूचना पर कंपिल और मेरापुर एसओ के साथ
ही कायमगंज तहसीलदार मौके पर जा पहुंचे। पुलिस ने शव को बाहर निकाल
पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस मामले को शुरू से ही इलाकाई पुलिस दबा रही
थी। एसपी के निर्देश के बाद मामला दर्ज हुआ था।
थाना मेरापुर के गांव
गठवाया निवासी महावीर यादव को थाना शमसाबाद के गांव जमुनिया निवासी ममेरे
भाई मनीराम और इनके साथी 28 फरवरी की शाम शुकरुल्लपुर ननिहाल में मिली
खेती में खाद और पानी के लिए बुला ले गए थे। इसके बाद महावीर लापता हो
गया। महावीर के गायब होने की परिजनाें ने थाना पुलिस से शिकायत की थी।
सुनवाई
न होने पर महावीर के बड़े भाई उदयवीर ने एसपी विजय यादव को
प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगई थी। इसके बाद पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट
दर्ज कर ली थी। पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की
गिरफ्तारी नहीं की। परिजन ने दोबारा एसपी से मिलकर गिरफ्तारी की मांग की।
शुक्रवार को थाना कंपिल के गांव सवितापुर निवासी ज्ञानचंद्र
शिकारपुर
स्थित अपने खेत में जानवर चराने के लिए गया था। वहां पर उसकी नजर जमीन पर
पड़ी। जमीन के अंदर कपड़े दबे हुए थे। इस पर ग्रामीण ने इसकी सूचना अन्य
लोगों को दी। एसओ कंपिल कुलदीप दीक्षित ने कायमगंज तहसीलदार विनोद जोशी की
मौजूदगी में शव को बाहर निकलवाया। शव कंकाल में बदल गया था। खेत में शव
निकलने
की चर्चा से आसपास के इलाके में भी फैल गई। इस बीच गठवाया निवासी
उदयवीर सिंह उसके चाचा लालाराम के अलावा अन्य लोग भी मौके पर जा पहुंचे।
उदयवीर ने कपड़ों और जूतों से कंकाल की शिनाख्त की। जमीन में शराब की अद्धी
बरामद हुई। शिनाख्त होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। मेरापुर एसओ
सालिगराम वर्मा भी मौके पर आ गए। घटना के पीछे अवैध संबंध और जमीन पर कब्जा
करने की बात सामने आ रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने
डीएनए टेस्टिंग के लिए भी लिखा है।