तिहरे हत्याकांड के गवाह के पिता एवं भाई को शुक्रवार रात गोलियों से भून
दिया गया। ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद हमलावर भाग निकले। दोनों की मौत के बाद
गांव में तनाव फैल गया। आनन-फानन में एसपी समेत कई थानों की फोर्स गांव
में पहुंची। मृतक के दूसरे पुत्र ने13 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज
कराई है।
थाना क्षेत्र में 13 जुलाई 2014 को पूर्व जिला पंचायत सदस्य
कुंवरपाल सिंह यादव की गोली मार कर हत्या की गई थी। इसका बदला लेने को
कुंवर पाल के समर्थकों ने 20 अगस्त 2014 को तीन लोगों को मौत के घाट उतार
दिया था। इस तिहरे हत्याकांड में गांव गढ़िया बबना निवासी राम प्रकाश यादव
(65) का पुत्र वीरेंद्र आरोपी है। वह वर्तमान में जेल में है। शुक्रवार
रात
राम प्रकाश अपने दूसरे पुत्र माधव (38) के साथ घर के बरामदे में सो रहे
थे। रात करीब 11.30 बजे बाइक सवार लोग आए और दोनों को निशाना बना ताबड़तोड़
फायरिंग झोंक दिया। फायरिंग के बाद आसपास के लोग जुट गए। इस दौरान माधव की
मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रामप्रकाश ने लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां से रेफर किए जाने पर परिजन दूसरे
अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे
कि उसने भी दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही एसपी विजय यादव कई थानों की फोर्स के साथ गांव में पहुंचे।
रामप्रकाश के बेटे सादौ सिंह ने बबना निवासी अतुल सिंह उसके भाई अंकित और
उनके पिता शिवपाल सिंह के अलावा गांव के ही रघुवीर सिंह, योगेश सिंह,
अवधेश, सर्वेश, मुन्नू
सिंह, श्रीपाल सिंह, राजेश, वीरेंद्र सिंह उर्फ बटे,
गिरंद सिंह, विक्रम सिंह उर्फ कल्लू के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई
है। एहतियात के तौर पर गांव में फोर्स तैनात है।