सांसद मुकेश राजपूत के बेटे ने गुरुवार को दबंगई दिखाते हुए टेंपो चालक और
बैंड बजाने वाले की जमकर मारपीट कर दी। घायलों का लोहिया अस्पताल में उपचार
कराया गया। टेंपो चालक ने सांसद पुत्र के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई है।
ठंडी
सड़क निवासी सांसद मुकेश राजपूत के बेटे अर्पित राजपूत और घर से सामने से
गुजर रहे बैंड बजाने वाले वारिश के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया।
अर्पित ने वारिश की पिटाई कर दी। इसी बीच उधर से मोहल्ला बढ़पुर निवासी
रत्नेश कुमार अपना टेंपो लेकर निकला। रत्नेश का आरोप है कि टेंपो निकालने
का प्रयास करते समय अर्पित ने उसे खींच
लिया। सिर पर शीशी से वार कर दिया।
इसमें वह लहूलुहान हो गया। यहां से भाग कर कोतवाली पहुंचा। तभी पीछे से
वारिस भी पहुंच गया। पुलिस ने दोनों का लोहिया अस्पताल में मेडिकल कराया।
रत्नेश की तहरीर पर पुलिस ने अर्पित के खिलाफ एनसीआर दर्ज कर ली। वहीं
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नगलादीना निवासी सोनू बाथम ने शुक्रवार की रात
पत्नी के साथ मारपीट कर दी। इसका विरोध परिवार के लोगों ने किया तो सोनू ने
खुद दीवार में सिर मार लिया। चौकी पुलिस ने घायल का लोहिया अस्पताल उपचार
कराया। चौकी प्रभारी सुभाषचंद्र यादव ने बताया कि परिवार वालों के कहने पर
डाक्टरी करने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
बेटे को पीटा, बहू पर डाला केरोसिन
मोहल्ला सुनारवाली गली निवासी संजू यादव की शुक्रवार
की सुबह अपने पिता रिटायर्ड दरोगा लज्जाराम यादव से परिवारी विवाद को लेकर
कहासुनी हो गई। इस पर पिता ने संजू व इनकी पत्नी के साथ मारपीट कर दी। इस
पर यह पिता को धक्का देकर भाग निकले। संजू ने आरोप लगाया कि उसके पिता ने
पत्नी मंजू के ऊपर केरोसिन डाल कर आग लगाने का
प्रयास किया। किसी प्रकर वह
भी घर से भाग निकली । पुलिस ने दंपति
को कोतवाली भेज दिया। महिला का भाई गौरव कोतवाली पहुंचा और बहन को लेकर
वहां से चला गया। वहीं लज्जाराम ने कोतवाली पहुंच कर अपनी बहू पर खुद ही
केरोसिन डालने का आरोप लगाया। फिलहाल किसी की तरफ से प्रार्थना पत्र न
मिलने के कारण पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की।
कथा के विवाद में चली लाठी, पांच घायल
कायमगंज में
कथा वाचक की कथा समझ न आने पर एक पक्ष के विरोध करने पर दो पक्षों में चली
लाठी में पांच लोग घायल हो गए। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ एनसीआर
दर्ज कराई है। गांव बराबिकू में कथा हो रही थी। कथा वाचक की कथा समझ
में न आने का गांव के पवन व सूरज ने विरोध किया। इसी बात पर गांव के संदीप
से इनका विवाद
हो गया। दोनों पक्षों के बीच लाठी चलने लगी। इसमें संदीप,
शिवदीप, पवन, सूरज और रामसेवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना में रामसेवक
ने कुलदीप, प्रदीप, शैलेंद्र व अवधेश के खिलाफ तो संदीप ने पवन, सूरज, रमन,
रामसेवक व एक अज्ञात के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई।