बारात से आई लौंज व खाना खाने से दो परिवार के बच्चों सहित नौ लोग फूड
प्वायजनिंग का शिकार हो गए। हालत बिगड़ने पर इन्हें लोहिया अस्पताल में
भर्ती कराया गया। शादी समारोह में रसोई बनाने का काम करने वाली महिलाएं
बारात से मिठाई व खाना लेकर आई थीं।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव नयानगला
महरूपुर निवासी सरस्वती देवी पत्नी रामपाल और गांव नरायनपुर निवासी
रामकुमारी शादी समारोह में खाना बनाने का काम करती हैं। यह गुरुवार को
मोहल्ला ग्वालटोली में एक बारात में पूड़ी बनाने गई थीं। यहां से यह खाना
और लौकी की लौंज लेकर आई थीं। शुक्रवार की सुबह सरस्वती देवी की बेटी
अंगूरी (14), संतोषी (9) और
परिवार की सुनीता पत्नी मुन्नू सिंह, इनकी बेटी
सविता (10), धर्मवीर ने खाना और लाैंज खाई। रामकुमारी के बेटे राजेश, इनकी
पत्नी सुदामा देवी, बेटा करन (10), अनमोल (डेढ़ साल) ने भी बारात से लाया
गया सामान खाया। इसे खाने के कुछ समय बाद इन लोगों की हालत बिगड़ने लगी।
इन्हें उल्टियां होने लगीं। इस पर इन्हें लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया
गया। डा.
मनोज कुमार रतमेले ने इनका इलाज किया। अस्पताल में अचानक इतने
मरीजों के आ जाने से अफरातफरी मच गई। मनोज कुमार रतमेले ने बताया कि भीषण
गर्मी में बारात का बासी खाना खाने से फूड प्वायजनिंग हुई है। इलाज से इनकी
हालत में सुधार हो रहा है।