जिले में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। गिरोह
के पांच सदस्यों को स्वाट टीम और मऊदरवाजा पुलिस टीम ने दबोच लिया। ये लोग
जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर से शस्त्र लाइसेंस जारी करते थे।
इनसे आठ असलहे, पड़ोसी जिले के डीएम की मुहर तथा शस्त्र लाइसेंस की खाली
किताबें बरामद हुई हैं।
पुलिस अधीक्षक विजय यादव के निर्देश पर स्वाट
टीम प्रभारी बृजेश यादव व मऊदरवाजा थानाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह पुलिस बल
के साथ सोमवार की सुबह पांच बजे हथियापुर पेट्रोल पंप के पास नवाबगंज रोड
पर संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रहे थे। मुखबिर की सूचना पर स्वाट टीम व
मऊदरवाजा पुलिस टीम ने नवाबगंज रोड से आ रही सेंट्रो कार को रोका। तलाशी
के
दौरान कार में चार डीबीबीएल और चार एसबीबीएल बरामद हुईं। आठ असलहे देखकर
पुलिस को अंदेशा हुआ। गाड़ी और इसमें बैठे पांच लोगों को पकड़ कर पुलिस
थाने लेकर गई। स्वाट टीम ने पूछताछ की, तब पता चला की पकड़े गए लोग डीएम की
फर्जी मुहर और हस्ताक्षर कर शस्त्र लाइसेंस जारी कर देते हैं। इसके बदले
आवेदक से मोटी रकम वसूलते हैं। मऊदरवाजा
थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया
कि सेंटो कार चालक अरुण कुमार जिला मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र के
चंदनपुर का रहने वाला है। इसके अलावा गाड़ी में कन्नौज जिले के विशुनगढ़ के
अहिरुआ राजारामपुर निवासी रजनेश कुमार, मैनपुरी जिले के नगर कोतवाली के
अंबेडकर नगर निवासी अनिल कुमार, बेवर जीटी रोड निवासी संजय कुमार, रूपपुर
निवासी
जबर सिंह को गिरफ्तार किया है। इनके पास से आठ असलहों के अलावा
फर्रुखाबाद, मैनपुरी डीएम की मुहर प्रभारी शस्त्र लिखी हुई, इंक पैड, तीन
कलम लाल, हरी और नीली स्याही की, पांच शस्त्र लाइसेंस की खाली किताबें,
पांच मोबाइल व 3300 रुपये बरामद हुए हैं। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपियों
ने बताया कि वह शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों से
संपर्क करते हैं।
उनसे रुपये लेने के बाद लाइसेंस जारी कर देते। जब वह असलहा खरीद लेते हैं,
तब शस्त्र की किताब दूसरे के नाम से जारी कर देते। नाम लिखने में गलती होना
बताकर सुधार का आश्वासन देते हैं। इस तरह फर्जी शस्त्र लाइसेंस जारी कर
ठगी का कारोबार करते हैं। एसपी विजय यादव ने कोतवाली पहुंच कर मामले की
जानकारी ली।