अनुदेशक की हत्या के बाद हत्यारों ने शव रेलवे लाइन के पास फेंक दिया।
मंगलवार की सुबह लाइनमैन ने गांव के लोगों को शव पड़े होने की सूचना दी।
सूचना पर पहुंचे परिजनों ने शिनाख्त की और फिर पुलिस से शव उठाने को लेकर
तीखी नोकझोंक हो गई। परिजनों ने कोतवाली के दरोगा पर हत्या कराने का आरोप
लगाया है। इन्होंने दरोगा की गिरफ्तारी और निलंबन की मांग को लेकर नारेबाजी
की। सपा विधायक और एएसपी के आश्वासन के बाद कई घंटे बाद शव का पंचनामा
भरा
गया। दोपहर बाद दरोगा और उसके चार-पांच अज्ञात साथियों पर रिपोर्ट दर्ज कर
ली गई। गांव नगला दरियाव निवासी अमित उर्फ विनीत यादव (25) पुत्र सुरेश
सिंह का चयन बेसिक शिक्षा विभाग में अनुदेशक पद पर हुआ था। उसकी 1 जुलाई
को तैनाती होनी थी। सोमवार की रात वह अपने घर पर था। इस बीच उसके मोबाइल पर
कॉल आई। कॉल रिसीव कर वह घर से निकल गया। रात भर घर नहीं लौटा। मंगलवार की
सुबह रेलवे लाइन चेक करने के लिए निकले लाइनमैन
ने नगला मिढ़ाई के सामने
शव पड़ा देखा। उसने ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। इधर अमित के परिवार के
लोग उसे खोज ही रहे थे। शव मिलने की जानकारी पर भाई अरुण प्रताप सिंह,
ओमवीर सिंह समेत परिवार के तमाम लोग घटनास्थल पर जा पहुंचे और शव की
शिनाख्त की। हत्यारों ने धारदार हथियार से अमित पर कई वार किए थे।
सूचना
पर कोतवाल केबी सिंह फोर्स के साथ पहुंचे और जांच की। पुलिस शव को उठाने
लगी तो परिजनों की कोतवाल से नोकझोंक हो गई। परिजनों ने दरोगा राकेश कुमार
शर्मा पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए उस पर कार्रवाई की मांग की। गांव
वालों के रुख को देखकर कोतवाल ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को दी। इस पर
एएसपी रामभवन चौरसिया और सपा विधायक नरेंद्र सिंह यादव भी वहां पहुंच गए।
विधायक और एएसपी ने भरोसा दिया कि जो तहरीर दी जाएगी,
उसके आधार पर ही
रिपोर्ट दर्ज होगी। इसके बाद ही परिवार के लोग शांत हुए। पुलिस ने दोपहर 2
बजे शव का पंचनामा भरा। मृतक के पिता सुरेशचंद्र यादव की तहरीर पर दोपहर
बाद पुलिस ने दरोगा राकेश शर्मा और उनके चार पांच अज्ञात साथियों के खिलाफ
मामला दर्ज कर लिया है।
दरोगा से ये है रंजिश
नीबकरोरी
मंदिर के पास प्राइवेट स्कूल है। इसमें अमित साइकिल स्टैंड चलाता था। मंदिर
में दर्शन करने आने वालों की साइकिलें और बाइकें स्कूल में ही खड़ी करवा
कर उसका पैसा लेता था। मृतक के भाई ओमवीर ने बताया कि दरोगा साइकिल स्टैंड
का ठेका अपने परिचित को दिलाने को प्रयास कर रहा था। इसे लेकर 14 फरवरी को
दरोगा से अमित का
विवाद भी हुआ था। 15 फरवरी को मंदिर में भंडारा होना है।
इसमें आने वाली भीड़ को देखते हुए दरोगा स्टैंड लेने के लिए जोर आजमाइश कर
रहा था। विवाद पर दरोगा राकेश शर्मा ने अमित को पकड़ने के लिए दबिशें भी
दीं। देख लेने की धमकी भी दी थी।
पहली वारदात में ही आस्कर फेल
शासन
ने जिले में डॉग स्क्वायड की तैनाती दो दिन पहले ही की थी। घटना की
जानकारी होने पर जिला मुख्यालय से 1:25 बजे खोजी कुत्ता आस्कर को लेकर
प्रशिक्षक मौके पर पहुंचे। आस्कर वारदात स्थल पर घूम कर लौट आया।
प्रशिक्षकों का कहना था कि गर्मी अधिक होने और तमाम लोगों के आ जाने के
कारण आस्कर को गंध नहीं मिल पाई। फिगर प्रिंट टीम ने मौके पर जाकर नमूने
लिए।
टूटा मिला मृतक का मोबाइल
पुलिस को घटनास्थल पर मृतक
का मोबाइल टूटा और सिम अलग पड़ा मिला। पुलिस ने दोनों चीजों को कब्जे में
ले लिया। यहां दो और एक रुपये के सिक्के भी जमीन पर पड़े थे। इससे अनुमान
है कि हत्या से पहले हत्यारों ने मारपीट भी की थी।
बवाल को लेकर जिले भर की फोर्स पहुंची
वारदात
के बाद गांव वालों के रुख को देख सीओ मोहम्मदाबाद लेखराज सिंह, कायमगंज
सीओ एके रावत, सदर एसडीएम सुनील वर्मा, कायमगंज कोतवाल रूम सिंह यादव,
मेरापुर एसओ सालिगराम वर्मा, नवाबगंज एसओ मुकेश यादव, फतेहगढ़ कोतवाल अनूप
तिवारी, शहर कोतवाल आरपी यादव भारी फोर्स के साथ मौके पहुंचे। यहां पर
कोतवाल अनूप तिवारी ने
ग्रामीणों को प्रदर्शन करने पर मुकदमा दर्ज करने की
चेतावनी दी। इससे ग्रामीण और भड़क गए और कोतवाल से नोकझोंक होने लगी।
अफसरों ने बीच में पड़ कर मामले को शांत किया।
निलंबित भी हो चुका है दरोगा
पिछले
साल मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में एक युवती के साथ छेड़छाड़ को लेकर
हुई रिपोर्ट में दरोगा राकेश कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं की थी।
इसकी शिकायत पर आईजी के निर्देश पर एसपी ने राकेश कुमार को निलंबित कर दिया
था। दरोगा ने अपनी पहुंच से बहाली मोहम्मदाबाद में ही करा ली थी।
शव उठने के बाद पहुंचे एसपी
हत्या
की जानकारी पुलिस के आलाधिकारियों को दे दी गई थी। शाम करीब 4:30 बजे शव
जाने के बाद एसपी विजय यादव घटनास्थल पर पहुंचे और सीओ से घटना की जानकारी
ली।