शहर के मोहल्ला गढ़ी कोहना नई बस्ती में विवादित मकान को दबंगों ने ढहा
दिया। कोतवाली पुलिस के अलावा अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक भी
पहुंच गए। उन्होंने शहर कोतवाल और पीड़िता को निर्देश दिए कि मकान की
नापजोख होने तक यथास्थिति बनाए रखें।
मोहल्ला राजीव गांधी नगर में किराए
के मकान में रह रहे नरेश सिंह वर्मा ने गढ़ी कोहना नई बस्ती में पत्नी ऊषा
राजपूत के नाम करीब दो साल पहले मकान खरीदा था। पास ही विमल यादव का प्लाट
है। नरेश मकान का निर्माण करा रहे हैं। ऐसे में मकान में राजमिस्त्री
राजेश सिंह और कालिका कुमार रह रहेे हैं। रविवार तड़के विमल यादव, कमल यादव
और
विकास यादव अपने एक दर्जन से ज्यादा साथियों के साथ आए और गालीगलौज
करते हुए निर्माणाधीन मकान गिरा दिया। मलबे में स्टेबलाइजर, दो लोहे के गेट
और घरेलू सामान दब गया। आरोप है कि दबंगों ने राजेश और कालिका को बंधक बना
लिया। सूचना मिलने पर वह लोग पहुंचे तो दबंग गालीगलौज और जानमाल की धमकी
देकर भाग गए। ऊषा राजपूत
ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना कोतवाली में
दी। उसकी नहीं सुनी गई। इसके बाद एएसपी को जानकारी दी। एएसपी के आदेश पर
सोमवार को शहर कोतवाल आरपी यादव, रेलवे रोड चौकी इंचार्ज इंद्रपाल सिंह
फोर्स के साथ मौके पर
पहुंचे। उन्होंने पड़ताल की। उधर विमल का कहना है कि
मकान का अगला हिस्सा उसने खरीदा है। उन्होंने कागजात भी दिखाया। हालांकि
बाद में ऊषा देवी ने कमल उर्फ सुधांशु यादव, विमल यादव और विकास यादव
निवासी गढ़ी कोहना के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
मकान एक, बेचने वाले दो
गढ़ी कोहना नई बस्ती में विवादित मकान में कई पेंच सामने आ रहे हैं। मकान
मालिक जहां दो साल पहले मकान खरीदने की बात कह रहे हैं। वहीं दबंग के वकील
का कहना है सात दिन पहले ही उनके मुवक्किल ने मकान का बैनामा कराया है।
मकान एक और बेचने वाले दो लोग सामने आए हैं। नई बस्ती गढ़ी कोहना में
नरेश सिंह वर्मा ने विद्यासागर उर्फ देवी प्रसाद
से दो साल पहले पत्नी ऊषा
देवी के नाम मकान खरीदा था। उनका कहना है कि उनके पास मकान के कागजात हैं।
वहीं रविवार तड़के दबंग विमल यादव ने अपने साथियों के साथ आकर मकान ध्वस्त
कर दिया। सोमवार को घटनास्थल पर पहुंचे अफसरों को विमल के अधिवक्ता संजय
चावला ने कागजात दिखाते हुए कहा कि उसने 20 जुलाई 2015 को कमलेश
कुमारी
पत्नी वीरेंद्र कुमार से बैनामा कराया था। वहीं नरेश का कहना है कि मकान
उन्होंने विद्यासागर उर्फ देवी प्रसाद से खरीदा था। उनके पास बैनामा के
कागजात हैं। आरोप लगाया कि विमल ने मकान के फर्जी कागजात बनवाए हैं।